राजधानी में जांच घटने के बावजूद कोरोना के दैनिक मामलों में कोई खास गिरावट नहीं हो रही है। अब पहले के मुकाबले प्रतिदिन 25 हजार टेस्ट कम हो रहे हैं। इसके बावजूद संक्रमितों की संख्या नहीं घट रही है। पिछले 10 दिनों से संक्रमण दर 30 फीसदी से अधिक बनी हुई है।
दिल्ली में इस समय रोजाना औसतन 75 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं । जबकि 17 अप्रैल तक एक लाख से अधिक जांच की जा रही थी। तब एक लाख जांच पर औसतन 24 हजार मामले का रहे थे, और अब 75 हजार जांच होने पर भी करीब 24 हजार मामले ही प्रतिदिन आ रहे है। कुल जांच घटने से आरटी पीसीआर टेस्ट भी अब कम किए जा रहे हैं। पहले जहां रोजाना औसतन 70 हजार आरटी-पीसीआर टेस्ट हो रहे थे। अब सिर्फ 45 हजार हो रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी का कहना है कि इस समय लक्षण वाले लोगों की जांच करने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि यह लोग गंभीर स्थिति में न पहुंचे और समय से पहले इनकी जांच रिपोर्ट मिल जाए।
अधिकारी के मुताबिक इस समय कंटेनमेंट जोन पर भी अधिक ध्यान दिया जा रहा है। रैंडम जांच पर फोकस न करके लक्षण वाले रोगियों की पहले जांच की जा रही है। सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. जुगल किशोर का कहना है कि जांच कम करना इस समय एक सही निर्णय है। क्योंकि बिना लक्षण वाले लोगों का टेस्ट करने का फिलहाल कोई फायदा नहीं है। जरूरी है कि जिन लोगों में लक्षण दिखाई दे रहे हैं उनकी जांच पहले की जाए। ऐसा करने से सरकार के पास उपलब्ध संसाधन की भी कोई कमी नहीं होगी और विभिन्न लैब पर जांच का दबाव भी नहीं पड़ेगा।
कोरोना के दैनिक मामलों में कब तक गिरावट आ सकती है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी यह कहना मुश्किल है कि संक्रमण का ग्राफ कब तक नीचे आएगा। लेकिन उम्मीद की जा रही है कि मई के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में मामलों में कमी आने लगेगी।
जांच घटी, नहीं घट रहे मामले
तारीख जांच मामले
24 74,702 24,103
23 . 75,037 24,331
22 . 72,208 26,169
21 78,768 24,638
20 - 86,526 28,395
19 . 90,696 23,686
18 . 85,620 25,463
17 . 99,230 24375
16 98,997 19486
15 82,569 16699
14 1,08534 17282
13 . 102460 13468
नोट: आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं और 24 अप्रैल तक के हैं