शाखा ने निदेशकों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा, लेकिन ज्योति, हरबिंद सिंह व राकेश सिंह जांच में शामिल नहीं हुए। पुलिस को पता चला कि राकेश और ज्योति और जिया एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ पंजाब व हरियाणा समेत कई राज्यों में सात मामले दर्ज हैं। जांच में पता चला कि आरोपियों ने ठगी करने के लिए कंपनी बनाया गया था। पुलिस ने जांच करने के बाद साल 2020 में राकेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद से फरार निदेशक ज्योति और उसके भाई हरबिंद सिंह की तलाश शुरू की। आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे। पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 14 जुलाई को आरोपी ज्योति को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ज्योति विनयिका विश्वविद्यालय चेन्नई से एमबीए किया है। पुलिस पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।