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दिल्ली: वार्डों से चुने 46 सदस्यों की बैठक में 9 सितंबर को होगा निर्णय

Wed, 01 Sep 2021 04:37 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली 

सार

गुरुद्वारा कमेटी के 9 सदस्यों को नामजद करने के लिए अधिसूचना जारी की गई है। बैठक में सदस्यों के अनुपस्थिति होने की सूरत में यह गिनती कम भी हो सकती है।
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी
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विस्तार
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए 9 सदस्यों को नामजद (को-ऑप्ट) करने के लिए दिल्ली सरकार के गुरुद्वारा निदेशक ने बैठक बुलाई है। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। 9 सितंबर को दिल्ली के अलग-अलग वार्डों से नए चुने हुए 46 सदस्यों की बैठक में नामजद किया जाएगा।

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बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब, श्री अमृतसर साहिब, तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब, तख्त श्री पटना साहिब, तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ के जत्थेदार, शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर साहिब का एक प्रतिनिधि, दिल्ली की लगभग 300 रजिस्टर्ड सिंह सभा गुरुद्वारों में से 2 प्रधान लॉटरी सिस्टम से चुने जाएंगे। साथ ही दिल्ली के 2 सिख प्रतिनिधि 46 सदस्यों की वोटों द्वारा नामजद किए जाएंगे। मौजूदा चुनावों की प्रक्रिया सितंबर माह के अंत तक कार्यकारी बोर्ड के चुनावों के बाद समाप्त हो जाएगी।

4 तक दाखिल करना है नामांकन
दिल्ली के 2 सिख प्रतिनिधियों के चुनाव के लिए दिल्ली सरकार के गुरुद्वारा चुनाव विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके अनुसार नामांकन पत्र 4 सितंबर तक गुरुद्वारा चुनाव निदेशक के समक्ष दाखिल किए जा सकते हैं। इन नामांकन पत्रों की जांच 6 सितंबर को एवं नाम वापस लेने की तारीख 8 सितंबर है।
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नियमों के अनुसार, एक प्रत्याशी अधिकतम 4 नामांकन पत्र दाखिल कर सकता है। प्रत्याशी के नाम का प्रस्ताव दिल्ली कमेटी के किसी नए चुने गए सदस्य द्वारा देना अनिवार्य है। न्यूनतम 16 वोट हासिल करने वाले प्रत्याशी को ही विजयी घोषित किया जाएगा।

सत्ता हासिल करने के लिए बहुमत जरूरी
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सत्ता हासिल करने के लिए बहुमत जरूरी है। दो सदस्यों को नामजद करने के लिए चुने हुए सदस्य वोट डालते हैं। अगर किसी भी पार्टी के जीते हुए सदस्य अनुपस्थित रहते हैं या गुप्त मतदान में अपनी पार्टी की जगह किसी अन्य को वोट देते हैं तो इस स्थिति में पाला बदल भी सकता है।

दिल्ली गुरुद्वारा चुनाव मामलों के जानकार इंदर मोहन सिंह का कहना है कि बैठक में सदस्यों के अनुपस्थिति होने की सूरत में यह गिनती कम भी हो सकती है। यह चुनाव राज्यसभा चुनावों की तर्ज पर करवाए जाते हैं, जिसमें हर सदस्य  पसंद के आधार पर एक से अधिक प्रत्याशी को एक से अधिक वोट दे सकता है।

एक नजर

  • बहुमत के लिए 26 सदस्यों का समर्थन जरूरी
  • शिरोमणी अकाली दल बादल गुट के 27 सदस्य जीते हैं चुनाव
  • शिरोमणी अकाली दल सरना गुट के जीते हैं 14 सदस्य
  • जागो पार्टी के जीते हैं 2 सदस्य
  • पंथक अकाली लहर के पास 1 सदस्य
  • निर्दलीय सदस्य 1 वार्ड में जीता है चुनाव
  • दो लोगों को नामजद नए चुने हुए सदस्य करेंगे
  • दो सदस्य लॉटरी सिस्टम से चुने जाएंगे
  • एक सदस्य गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर साहिब का प्रतिनिधि होगा।
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