ऐसे पकड़े गए आरोपी
मामला दर्ज कर उत्तर-पूर्वी जिला साइबर थाना प्रभारी विजय कुमार व अन्यों की टीम ने पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम पंजाब नेशनल बैंक के खाते में लुधियाना पंजाब गई। इसके बाद कई खातों में घूमते हुए रकम बिहार में एटीएम के जरिये निकाल ली गई। पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन का पता किया।
इसके बाद पुलिस ने पहले मो.नसर को चंपारन से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी संतोष कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से 15 मोबाइल, 28 सिमकार्ड, छह एटीएम व अन्य सामान बरामद कर लिया गया। आरोपियों ने बुजुर्ग से ठगी की बात स्वीकार कर ली।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी
पकड़ा गया आरोपी संतोष परिवार के साथ चंपारन बिहार में रहता है। उसने चेन्नई के एक कॉलेज ग्रेजुएशन किया है। वह मर्चेंट नेवी में जाने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल वह बिहार पुलिस में टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ की नौकरी कर रहा है। इसके खिलाफ पहे भी हरियाणा, दिल्ली में तीन मामले दर्ज हैं।
वहीं मो. नसर भी बिहार के चंपारन में रहता है। वह ठगी की वारदात में संतोष का सहयोग करता है। पुलिस पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के बाकी आरोपियों की पहचान के प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह में कई और लोग शामिल है। उनकी तलाश की जा रही है।