दिन हो या रात, बदमाश अपना शिकार ढूंढकर लोगों को निशाना बना ही लेते हैं। दूसरी ओर लूटपाट की इसी समय अवधि में 1,058 वारदात हुईं। यानी हर दिन लूट की सात वारदातें। पिछले साल के आंकड़े पर गौर करें तो वर्ष 2021 में पूरे साल में लूटपाट की 2,333 वारदात हुई थीं। इस आंकड़े के अनुसार हर दिन 6.39 वारदात हुईं।
वारदात को सुलझाने का आंकड़ा 92.71 फीसदी रहा। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि झपटमारी को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाता है। दिल्ली के हर जिले में एंटी स्नैचिंग सेल का गठन किया हुआ है। इसके अलावा साइबर पुलिस थाना भी झपटमारों को ढूंढने अपना योगदान देती है।
लूटपाट और झपटमारी के हॉट स्पाट
द्वारका, पश्चिम विहार, यमुना विहार, आनंद विहार, विवेक विहार, शाहदरा, प्रीत विहार, मंडावली, आईपी एक्सटेंशन, करोल बाग, मयूर विहार, कृष्णा नगर, गीता कालोनी, सीमापुरी, तिमारपुर समेत दूसरे इलाके।
चार सालों के आंकड़े...
वारदात 2022--------2021---------2020--------2019
लूटपाट------1058--------2333---------1963--------1956
झपटमार-----4074--------9383---------7965--------6266
(नोट: वर्ष 2022 के सभी आंकड़े एक जनवरी से लेकर 31 मई के बीच के हैं)