राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल तथा एक अन्य आरोपी भूपिंदर सिंह को नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में बरी कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2016 में मालीवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जब वह दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष थीं।
पुलिस ने कहा था कि किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का घोर उल्लंघन हुआ है। नाबालिग लड़की ने 23 जुलाई 2016 को अस्पताल में दम तोड़ दिया था। उसके पड़ोसी ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को दिए गए इस नोटिस की कापी में पीड़िता का नाम था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि नोटिस को जानबूझकर विभिन्न व्हाट्सएप समूहों पर प्रसारित किया गया और टीवी चैनलों पर दिखाया गया। चूंकि मालीवाल राज्यसभा की मौजूदा सदस्य हैं, इसलिए मामले को मार्च 2025 में राउज एवेन्यू कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था। मालीवाल को साल 2017 में तीस हजारी अदालत ने तलब किया था।