दिल्ली सरकार की वेबसाइट के अनुसार सोमवार शाम तक राजधानी के अस्पतालों में 5.32 फीसदी मरीजों की हालत अति गंभीर है, जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा है।
दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती 10 में से चार कोरोना मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इनमें लगभग सभी आयुवर्ग के मरीज शामिल हैं। इनमें ऐसे मरीजों की संख्या करीब 50 फीसदी है, जिनको पहले से कोई बीमारी है।
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सोमवार को दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि अस्पतालों में उपचाराधीन कोरोना संक्रमित रोगियों में से 39.55 फीसदी ऑक्सीन बिस्तर पर हैं। इनमें वह मरीज भी शामिल हैं, जिन्हें एक या दो बार ही थोड़ी-थोड़ी देर के लिए ऑक्सीजन देने की आवश्यकता पड़ रही है। दिल्ली के अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए 12,257 ऑक्सीजन बेड वर्तमान में खाली हैं। जबकि 2309 बिस्तर पर मरीज भर्ती हैं।
दिल्ली फाइट कोरोना वेबसाइट के अनुसार, राजधानी के अस्पतालों में 5837 कोरोना संक्रमित रोगी उपचाराधीन हैं। इनमें सबसे अधिक 2376 मरीजों को सामान्य कोविड वार्ड पर रखा गया है। इनमें संक्रमण के लक्षण हल्के हैं लेकिन सहायक रोग या फिर आयु अधिक होने के चलते इन्हें अस्पतालों में भर्ती किया गया है।
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राजधानी के अस्पतालों में 5.32 प्रतिशत मरीज हैं अति गंभीर
दिल्ली सरकार की इस वेबसाइट के अनुसार सोमवार शाम तक राजधानी के अस्पतालों में 5.32 फीसदी मरीजों की हालत अति गंभीर है, जिसके चलते उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा है। अस्पतालों में कुल 1,652 वेंटिलेटर वर्तमान में खाली हैं, जबकि 311 पर मरीज उपचाराधीन हैं।
इसी तरह आईसीयू की बात करें तो 841 मरीजों का उपचार चल रहा है। जबकि 3,606 बिस्तर खाली पड़े हैं। अगर कुल संक्रमित रोगियों से तुलना करें तो 14.40 फीसदी मरीजों का उपचार आईसीयू में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ही अधिकारी ने बताया कि इन मरीजों में संक्रमण के मॉडरेट लक्षण हैं जिसकी वजह से इन्हें आईसीयू में रखा गया है। इनमें से हर किसी को ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।