दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार करारी हार का सामना करने के बाद कांग्रेस डगमगाती हुई नजर आ रही है। मंगलवार को नतीजे आने के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद बुधवार दोपहर कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
इससे पहले उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस के पतन का कारण बताते हुए हार स्वीकार की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस पार्टी का पतन साल 2013 में शुरू हुआ जब शीला जी मुख्यमंत्री थीं। आम आदमी पार्टी के उदय ने कांग्रेस के पूरे वोट बैंक को छीन लिया। हम इसे कभी वापस नहीं पा सके। यह वोट बैंक अब भी 'आप' के पास है।
कल सुभाष चोपड़ा ने दिया था इस्तीफा
मंगलवार को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने पद से इस्तीफा दे दिया था। चोपड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
बता दें कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के निधन के बाद से दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष पद काफी दिन तक खाली रहा था। करीब साढ़े तीन महीने पहले सुभाष चोपड़ा ने प्रदेशाध्यक्ष का कार्यभार संभाला था। चोपड़ा ने बताया था कि उन्होंने चुनाव में पार्टी को आगे ले जाने की पूरी कोशिश की।
उन्होंने हार के लिए खुद को जिम्मेदार मानते हुए कहा कि मैंने अपने पद से नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है। इस्तीफा देने के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद फिर खाली हो गया है।