दिल्ली विधानसभा चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पर्चा भरने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब छह घंटे के हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद केजरीवाल नई दिल्ली सीट से नामांकन दाखिल करने में सफल रहे।
दोपहर 12:30 बजे परिवार के साथ जामनगर हाउस स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुंचे सीएम को टोकन नंबर 45 मिला था, लेकिन सीधे केंद्र में प्रवेश देने पर वहां पहले से अपनी बारी का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद केजरीवाल को वेटिंग रूम में इंतजार करना पड़ा। शाम 6:30 बजे वह नामांकन कर सके।
दरअसल, एक दिन पहले सोमवार को भी मुख्यमंत्री नामांकन दाखिल नहीं कर सके थे। रोड शो में भारी भीड़ की वजह से वह दोपहर तीन बजे तक जामनगर हाउस नहीं पहुंच सके थे।
मंगलवार को जब वह पर्चा भरने पहुंचे तो पुलिस ने वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत उन्हें अंदर प्रवेश कराया। इससे नाराज प्रत्याशियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच निर्वाचन अधिकारी को मौके पर आना पड़ा और उन्होंने प्रत्याशियों को शांत कराया। इनमें से कई डीटीसी के पूर्व कर्मचारी भी थे। इन प्रत्याशियों ने सीएम को घेर लिया।
किसी ने बस सेवा तो किसी ने बिजली बिलों को लेकर अपनी भड़ास निकाली। कोई कह रहा था कि हमें चुनाव नहीं जीतना, लेकिन सीएम को आम आदमी का दर्द बताने के लिए वे यहां तक पहुंचे हैं। कुछ वीडियो चैट के जरिये परिवारों को मुख्यमंत्री से मिला रहे थे।
एक ओर अरविंद केजरीवाल बाकी प्रत्याशियों के बीच घिरे बैठे थे तो कुछ ने उन्हें उलझाए रखने के लिए नायाब तरीके निकाले लिए। किसी के पास कागज पूरे नहीं थे तो किसी के पास प्रस्तावक भी नहीं था। ऐसे में वे फोन कर करके अपने कागज पूरे कर रहे थे। जब तक उनके कागज पूरे नहीं हुए तब तक आगे वाले का नंबर भी नहीं आया।
सोशल मीडिया पर गरमाया माहौल
निर्वाचन कार्यालय के अंदर की तस्वीरें जब बाहर आईं तो सियासी माहौल भी गरमा गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी सोशल मीडिया पर बीच बीच में जानकारी साझा करते दिखे। उन्होंने ट्वीट किया, कई प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो पहली बार नामांकन कर रहे हैं। इसलिए वे उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। सीएम ने इन्हें अपने परिवार का सदस्य तक कहा। इस पर केजरीवाल के पुराने साथी कुमार विश्वास ने लिखा, परिवार, संस्कार, सरोकार जैसे शब्दों को तो बख्श दो अब। भाजपा प्रत्याशी कपिल मिश्रा ने कहा, जो लोग सीएम को घेर कर बैठे हैं। वे असल में आप के पुराने वालंटियर्स हैं। इससे पहले, मनीष सिसोदिया और सौरभ भारद्वाज ने नामांकन में हुई देरी को भाजपा की साजिश बताया।
आयोग की बढ़ी टेंशन, कहां से लगाएंगे चिन्ह-मशीन
नई दिल्ली सीट पर करीब 70 के आसपास नामांकन दाखिल हो सकते हैं। ऐसे में चुनाव आयोग के अधिकारियों का कहना है कि इतने लोगों को चुनाव चिन्ह देना और मतदान के दिन ईवीएम का बंदोबस्त करा पाना काफी चुनौती भरा होगा।
मॉडल टाउन से भाजपा प्रत्याशी कपिल मिश्रा की कुल संपत्ति 50.10 लाख रुपये है। 32.97 लाख रुपये का बैंक कर्ज भी है। 2015 के चुनाव में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 45.99 लाख रुपये बताई थी। उस वक्त इनकी चल संपत्ति करीब 2 लाख रुपये थी, जो अब बढ़कर 4.87 लाख रुपये हुई है। इनके खिलाफ दो आपराधिक मामले भी न्यायालय में विचाराधीन हैं।
बग्गा पर एक केस, 5.75 लाख कर्ज
हरी नगर सीट से भाजपा प्रत्याशी तेजिंदर सिंह बग्गा की कुल संपत्ति 18.90 लाख रुपये है। पेशे से कारोबारी बग्गा के नाम पर एक कार है। उनके नाम न जेवरात, न मकान है। इन पर 5.75 लाख रुपये का बैंक कर्ज भी बकाया है। इनके खिलाफ तीन आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। वहीं, एक मामले में कोर्ट ने इन्हें दोषी करार किया है।