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दिल्ली: 50 फर्जी आधार कार्ड, 52 फर्जी नाम पते और ओएलएक्स के नाम से एक लिंक, खाता खाली

Wed, 14 Jul 2021 05:51 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • लिंक भेजकर पेटीएम से जुड़े खाते से निकाल लेता था पैसे, आरोपी टेलीकॉम कंपनी में कर चुका है काम
  • आरोपी के पास से मिले 50 फर्जी आधार कार्ड व फर्जी नाम पते पर लिया गया सिम
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साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर पश्चिम जिला पुलिस की साइबर सेल ने ओएलएक्स पर सामान खरीदने के दौरान ऑनलाइन पैमेंट के लिए लिंक भेजकर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पुलिस ने 50 फर्जी आधार कार्ड, 52 फर्जी नाम पते पर लिए गए सिम, एक मोबाइल फोन और पेन ड्राइव बरामद की है। आरोपी टेलीकॉम कंपनी में काम कर चुका है और अलीगढ़ में आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाने का सेंटर चलाता था।
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जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि आरोपी की पहचान दुर्गापुर, जट्टारी, अलीगढ़ यूपी निवासी पंकज वर्मा के रूप में हुई है। मयंक सिन्हा ने केशवपुरम थाने में ठगी की शिकायत की। जिसमें उसने बताया कि उसके सहयोगी राजीव अपना फर्नीचर बेचने के लिए ओएलएक्स पर विज्ञापन दिया था। उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति ने फर्नीचर खरीदने के लिए फोन किया। सौदा तय करने के बाद आरोपी ने ऑनलाइन पैमेंट करने की बात कहकर उसे एक लिंक भेजा। जिसपर क्लिक करते ही राजीव के खाते से 19358 रुपये निकल गए।

जिले की साइबर सेल ने निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में मामले की तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खाते से उसकी पहचान कर पंकज वर्मा को अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अनिल ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी के पास से एक पेन ड्राइव मिला, जिसमें 50 फर्जी आधार कार्ड मिले। इन कार्डों में नाम अलग अलग थे लेकिन फोटो पंकज वर्मा का था। उसके 15 फर्जी पेटीएम खाते मिले, जो अलग अलग सिम पर चल रहे थे।
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जांच में पता चला कि पंकज वर्ष 2008 से 2017 तक एक टेलकॉम कंपनी में सेल्स प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुका है। जहां उसे नए सिम के एक्टीवेशन के बारे में जानकारी मिली थी। पंकज ने अलीगढ़ में एक सेंटर खोला। जिसमें वह आधार कार्ड, पेन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज बनाता था। जांच में पता चला कि वह ग्राहकों के दस्तावेज की अतिरिक्त प्रतियां बनाकर उनसे अब तक पांच सौ फर्जी आधार कार्ड बना चुका है जिससे वह नए सिम कार्ड खरीदता था। उसके पास से पुलिस को टेलीकॉम कंपनियों के फ्लेक्सी सिम भी मिले हैं। ओएलएक्स पर सौदा होने के बाद वह पीड़ितों को एक लिंक भेजता था, जिसके जरिए पेटीएम से जुड़े खातों से रुपये निकाल लेता था। पुलिस को पता चला है कि आरोपी पश्चिम बंगाल और मेवात के ठगों को भी फर्जी सिम बेच चुका है। पुलिस आरोपी ने पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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