दिलशाद गार्डन के दिल्ली राज्य कैंसर अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इसके बाद अस्पताल में कई और स्वास्थ्य कर्मचारी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। संक्रमण ज्यादा न फैले इस कारण अस्पताल को बंद कर दिया गया था। यहां उपचार करा रहे कैंसर मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर किया गया था। इन मरीजों को निजी अस्पतालों ने इलाज़ के लिए कई माह बाद की डेट दे दी है और ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
दिल्ली राज्य कैंसर अस्पताल में भर्ती रहे एक मरीज की पत्नी ने बताया कि 15 दिन पहले मरीजों का इलाज रोक दिया गया था। इसके बाद उनके पति समेत अन्य मरीजों को अलग-अलग निजी अस्पतालों में रेफर किया गया था। उन्होंने बताया कि जिस अस्पताल में उनके पति को रैफर किया गया है, उस अस्पताल ने इलाज के लिए तीन महीने बाद की डेट दी है।
कैंसर अस्पताल में उनके पति की कीमोथेरेपी चल रही थी। बीच में इलाज़ रूक जाने से काफी परेशानी हो रही है। माली हालात ठीक न होने के कारण व किसी अन्य निजी अस्पताल में अपने पति का इलाज़ नहीं करा सकती। ऐसे में अब उनके सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
हॉटस्पॉट बन गया था कैंसर अस्पताल
दिलशाद गार्डन, निजामुद्दीन के बाद कैंसर अस्पताल दिल्ली का तीसरा कोरोना हॉटस्पॉट बन गया था। सबसे पहले यहां एक महिला रेजीडेंट डॉक्टर संक्रमित हुई थी। वह विदेश से लौटे अपने भाई से संक्रमित हुई थी। महिला डॉक्टर से अस्पताल में मरीजों समेत कई डॉक्टर संपर्क में आए थे। इन सभी को कोरोना जांच के लिए भेजा गया था। जांच में डॉक्टरों समेत 25 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद अस्पताल को बंद कर दिया गया था।