प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का आयुष्मान भी दिल्ली वालों को मिलेगा। दो करोड़ से ज्यादा की आबादी को केजरीवाल सरकार स्वास्थ्य बीमा का लाभ देगी। करीब 100 करोड़ की इस योजना का लाभ 1 दिसंबर से लोगों को मिलेगा। अगले महीने से हेल्थ कार्ड बनने शुरू होंगे। जिसमें मरीजों का पूरा डाटा होगा।
दिल्ली सरकार ने यह घोषणा बृहस्पतिवार को अपने बजट में की है। बजट के अनुसार, सरकार वित्तीय वर्ष 2018-19 में स्वास्थ्य पर 6,729 करोड़ खर्च करेगी, जो कुल बजट का 13 फीसदी है। साथ ही वित्तीय वर्ष 2017-18 की तुलना में 993 करोड़ ज्यादा है। पिछले बजट में सरकार ने स्वास्थ्य पर 5,736 करोड़ निर्धारित किए थे, हालांकि इस बजट में कुछ घोषणाएं पुरानी ही नजर आईं।
इसमें अस्पतालों में बिस्तरों की क्षमता से 10,000 से बढ़ाकर 20,000 करना, पॉलिक्लीनिक संख्या 24 से बढ़ाकर 150 करना, 1000 मोहल्ला क्लीनिक शुरू करना, एमआरआई-सीटी स्कैन के अलावा निजी अस्पतालों में सर्जरी का बंदोबस्त इत्यादि शामिल हैं, हालांकि अबकी बार न सिर्फ जनता, बल्कि सरकारी अस्पतालों को भी उम्मीदें ज्यादा थीं। जिनमें मशीनों की खरीदी से लेकर रिक्त पदों की भर्तियां के साथ-साथ मरीजों को निशुल्क दवाएं शामिल हैं।
बजट में इन्हें तरजीह न देकर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप और नए अस्पताल और मोहल्ला क्लीनिक पर फोकस ज्यादा किया है। नए अस्पतालों के निर्माण लंबे समय से चल रहे हैं। पिछले वर्ष उम्मीद थी कि द्वारका अस्पताल शुरू हो जाएगा, लेकिन निर्माण अभी भी जारी है।
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ऐसा होगा एके केयर
केजरीवाल सरकार यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम में गरीबों का प्रीमियम भरेगी और उन्हें स्वास्थ्य लाभ देगी। इसके जरिए दिल्ली का हर नागरिक निजी अस्पताल में जाकर स्वास्थ्य लाभ ले सकेगा। बीपीएल वालों को सरकार खुद प्रीमियम देगी, जबकि अन्य वर्ग के लोगों को अपना प्रीमियम देना होगा, यह काफी कम होगा, हालांकि सरकार ने यह सुविधा अनिवार्य नहीं रखी है। अपनी इच्छा से दिल्लीवासी इसका लाभ ले सकते हैं।
हेल्थ कार्ड में होगी पूरी जानकारी
अगले महीने से वोटर कार्ड या आधार कार्ड दिखाकर हेल्थ कार्ड लिया जा सकेगा। कार्ड के साथ जब भी मरीज अस्पताल पहुंचेगा तो उसकी जानकारी कंप्यूटर रिकॉर्ड में सुरक्षित रहेगी। वह जब जब किसी भी अस्पताल में जाएगा, यह रिकॉर्ड डॉक्टर के पास उपलब्ध होगा।
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बजट की प्रमुख घोषणाएं
- 1000 मोहल्ला क्लीनिक के लिए 530 जगहों का चयन पूरा।
- 24 पॉलिक्लीनिक मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं, 94 औषधालयों में पॉलिक्लीनिक शुरू होंगे।
- मोहल्ला क्लीनिक और पॉलिक्लीनिक पर सरकार 403 करोड़ रुपये करेगी खर्च।
- इस साल सात सरकारी अस्पतालों में 2546 बिस्तर बढ़ाए जाएंगे।
- अस्पतालों के नवीनीकरण पर साल भर में 450 करोड़ रुपये होंगे खर्च।
- मादीपुर, ज्वालाहेडी, हस्तसाल, सरिता विहार, दीनदारपुर, केशवपुरम और छतरपुर में अस्पताल बनेंगे।
- 20 करोड़ खर्च कर मरीजों को निशुल्क एमआरआई-सीटी स्कैन जैसी चिकित्सीय जांच की सुविधाएं निजी केंद्रों पर मिलती रहेंगी।
- 50 करोड़ में सड़क हादसे में घायल, एसिड अटैक और थर्मल या तपन से जले घायलों को उपचार के लिए 48 प्राइवेट अस्पतालों से करार, 24 सरकारी अस्पताल कर सकेंगे घायल को रेफर।
- भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आपात स्थिति के दौरान अस्पताल पहुंचाने के लिए बाइक एंबुलेंस की सेवा होगी शुरू, पूर्वी दिल्ली में 16 बाइक को मिल चुकी है मंजूरी।
- सभी विधानसभा क्षेत्रों में रोगी कल्याण समितियां बनेंगी। जन स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन पर 50 करोड़ होंगे खर्च।
- आंख और कान के लिए 15 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद दौड़ेंगी मोबाइल वैन। घर के पास ही मिल सकेगा इलाज।
- सबके लिए स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम के तहत प्रत्येक नागरिक को मिलेगा। इस पर सरकार 100 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है। एक दिसंबर 2018 से सुविधा मिलेगी।
- डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के प्रशिक्षण पर 10 करोड़ करेंगे खर्च।