दिल्ली में गठित आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली नई विधानसभा का पहला दो दिवसीय सत्र सोमवार दोपहर दो बजे शुरू हुआ। सत्र में पहले दिन सभी विधायकों ने शपथ लिया और विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव कराया गया।
चुनाव कराने के लिए गोकलपुर से विधायक चौधरी फतेह सिंह को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया। चुनाव के बाद रामनिवास गोयल को स्पीकर और बंदना कुमारी को डिप्टी स्पीकर बनाया गया।
सदन की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर ने सदस्यों को शपथ दिलाने का कार्यक्रम शुरु किया। सबसे पहले गोपाल राय को शपथ दिलाई गई।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गोपाल राय के बाद शपथ ली। इस बार भी विधानसभा में अरविंद केजरीवाल के ठीक बगल में मनीष सिसोदिया ही बैठे रहे।
शपथ कार्यक्रम के बाद भारी बहुमत वाली पार्टी के शाहदरा से विधायक रामनिवास गोयल को अध्यक्ष चुना गया जबकि शालीमार से विधायक वंदना कुमारी को डिप्टटी स्पपीकर चुना गया।
'सदन में विपक्ष का होना जरूरी'
डिप्टी स्पीकर चुने जाते ही वंदना कुमारी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है और उनकी आवाज को बिना किसी पक्षपात के सदन में रखने की आजादी होगी।
दिल्ली चुनाव के बाद विपक्षी पार्टियों में से केवल भारतीय जनता पार्टी के तीन विधायक ही विधानसभा में पहुंच सके हैं जबकि विपक्ष का दर्जा पाने के लिए किसी भी पार्टी के सदन में कम से कम दस फिसदी विधायकों का चुना जाना जरूरी है।
हालांकि डिप्टी स्पीकर चुने जाने के तुरंत बाद ही वंदना कुमारी ने कहा कि किसी दल के चाहे कितने ही सदस्य हो लेकिन, सदन में विपक्ष का और उसका नेता होना जरूरी है।
लग्जरी कार से विधानसभा पहुंचे विधायक
इस बीच दिल्ली चुनाव के बाद चुने गए सभी विधायक पहली बार दिल्ली विधानसभा पहुंचे। हालांकि पिछली बार की तरह इस बार आप के ज्यादातर विधायक अपनी कारों से ही विधानसभा पहुंचे।
चौंकाने वाली बात रही कि ज्यादातर विधायक एसयूवी जैसी लग्जरी गाड़ियों से विधानसभा पहुंचे। खुद दिल्ली के सीएम अररिवंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया भी इनोवा से विधानसभा पहुंचे।
हालांकि आप के टिकट पर जीते और पहली बार मंत्री बने गोपाल राय अपनी नैनो कार से विधासभा पहुंचे। लग्जरी कारों के बीच गोपाल राय की छोटी कार ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।