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कैसा रहा है अलका लांबा का सियासी सफर, इस बार कांग्रेस का हाथ थाम आप के खिलाफ ठोक रही हैं ताल

Wed, 29 Jan 2020 02:21 PM IST
प्राची प्रियम चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020: अलका लांबा - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विधानसभा चुनाव की चर्चित चेहरा रह चुकीं अलका लांबा इस बार अपनी ही पुरानी पार्टी के खिलाफ ताल ठोक रही हैं। वर्तमान में चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा इस बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस से अलका का काफी पुराना नाता रहा है। युवा नेता अलका का सियासी सफर कैसा रहा है और कैसे हुई उनकी राजनीतिक करियर की शुरूआत, इस बारे में आगे पढ़ें सबकुछ-

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मुख्यधारा की राजनीति में आने से पहले अलका छात्र राजनीति में भी खूब सक्रीय रह चुकी हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान अलका कांग्रेस की छात्र इकाई की सदस्य थीं। साल 1997 में अलका लांबा कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर सुर्खियों में आईं।

उनके विधानसभा क्षेत्र में आज भी लोग उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी की नेता के नाम से ही पुकारते हैं। आम आदमी पार्टी में आने से पहले अलका करीब 20 सालों तक कांग्रेस पार्टी में सक्रिय रहीं। दिसंबर 2014 में राहुल गांधी के ऊपर अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अलका ने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।
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इसके बाद 2015 में उन्होंने आप के टिकट पर चुनाव लड़ा और भाजपा की सुमन कुमार गुप्ता को हराकर विधायक बनीं। । हालांकि उसके बाद अगले चार साल तक कई बार पार्टी के साथ उनके रिश्ते उलझते गए। 

अलका उस समय खूब चर्चा में रहीं जब पार्टी के खिलाफ जाने के आरोप में अरविंद केजरीवाल ने उनसे इस्तीफा मांग लिया था। दरअसल, रजौरी गार्डन से आप विधायक जरनैल सिंह ने राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने का प्रस्ताव पेश किया था। इसके विरोध में अलका सदन से वॉक आउट कर गई थीं। 

साल 2003 में अलका ने कांग्रेस के टिकट पर दिल्ली की मोती नगर विधानसभा सीट से भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गई थीं। 

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अलका ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दयाल सिंह कॉलेज और सेंट स्टीफंस कॉलेज से एमएससी व एमएड की पढ़ाई की है। साल 1995-96 में उन्हें कॉलेज की बेस्ट एथलीट के पद से भी नवाजा गया था। अलका 'गो इंडिया फाउंडेशन' नाम का एक एनजीओ भी चलाती हैं। 

राजनीति के कारण अलका के निजी जीवन में भी काफी उथल-पुथल हुए। अलका ने लोकेश कपूर से लव कम अरेंज मैरिज किया, लेकिन साल भर बाद ही उनके शादीशुदा जीवन में राजनीति का दखल शुरू हो गया। लोकेश कपूर और अलका का एक बेटा भी है, जिसका नाम ऋतिक है। 

साल 2003 में पति लोकेश ने आरोप लगाया कि अलका ने उनके एक मकान पर अवैध कब्जा कर उसे अपना राजनीतिक दफ्तर बना लिया है। अलका लांबा के पति ने उनके ऊपर अपने परिजनों को परेशान करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि इस मामले में अलका का पक्ष सार्वजनिक नहीं हो पाया। शादी के एक साल बाद अलका पति से अलग हो गईं और फिलहाल उनका तलाक हो चुका है। लेकिन अलका का सियासी रथ अब भी लगातार आगे ही बढ़ता जा रहा है। 
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