इस घटना ने तब तूल पकड़ा जब लेखिका शेफाली वैद्य ने यह कथित वीडियो पोस्ट कर लिखा कि वीडियो में महिला को दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है क्योंकि साड़ी एक स्मार्ट
परिधान नहीं है।
महिलाओं के लिए सबसे उपयुक्त परिधान मानी जाने वाली साड़ी (Saree) पहनने के कारण किसी महिला को रेस्टोरेंट में प्रवेश करने से रोक दिया जाएगा यह सोचकर ही अजीब लगता है। लेकिन जब ऐसी ही एक घटना का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो #Saree ट्रेंड ही चल पड़ा और लोग इस रेस्टोरेंट को तरह-तरह से कोसने लगे। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
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इस घटना ने तब तूल पकड़ा जब लेखिका शेफाली वैद्य ने यह कथित वीडियो पोस्ट कर लिखा कि महिला को दिल्ली के एक रेस्टोरेंट में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है क्योंकि साड़ी एक स्मार्ट परिधान नहीं है। शेफाली ने पूछा है कि यह कौन सुनिश्चित करेगा कि साड़ी एक स्मार्ट परिधान है या नहीं? मैंने अमेरिका, दुबई और इंग्लैंड के अच्छे से अच्छे रेस्टोरेंट में भी साड़ी पहनी है। और भारत में कोई अकीला रेस्टोरेंट ड्रेस कोड डिसाइड करेगा कि साड़ी स्मार्ट परिधान नहीं है? आश्चर्यजनक।
गौरतलब है कि 16 सेकंड के इस कथित वीडियो में एक पुरुष और एक महिला जो रेस्टोरेंट के कर्मी लग रहे हैं महिला को रेस्टोरेंट में इसलिए आने से रोक रहे हैं क्योंकि उसने साड़ी पहनी है। तब नाराज होते हुए महिला ने पूछा कि आप मुझे दिखाइए कहां लिखा है कि साड़ी पहनना अलाउड नहीं है। इस पर महिला ने कहा कि मैम हमारे यहां सिर्फ स्मार्ट परिधान अलाउड है और साड़ी को हम स्मार्ट परिधान में सम्मिलित नहीं करते।