इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (आईआईएफटी) दिल्ली की ओर से वार्षिक बिजनेस कॉन्क्लेव ट्रेड विंड्स-2024 का आगाज शुक्रवार से हो गया। कॉन्क्लेव का उद्धाटन सत्र भव्य रूप से आयोजित किया गया।
इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में ईईएसएल एंड सीईएसएल के चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर अभिषेक अग्रवाल और मुख्य वक्ता के आनंद ग्रुप इंडिया के उपाध्यक्ष समर गुप्ता शामिल रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम में अमर उजाला नॉलेज पार्टनर है।
कॉन्क्लेव की इस साल की थीम ‘द ग्रेटेस्ट रीसेट: केटेलाइजिंग डिजिटल ग्रोथ इन दि 21वीं सेंचुरी’ है। छात्रों को संबोधित करते हुए अग्रवाल ने कहा कि हर कंपनी में अलग-अलग जनरेशन के कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जरूरी है। यह किसी की पसंद नहीं, बल्कि बदलते बाजार की जरूरत है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन किसी भी कंपनी की रीढ़ होती है।
उन्होंने कहा कि एआई और मशीन लर्निंग ने विश्व को बदल दिया है। ऐसे में इसे साथ लेकर चलना सबसे अहम है। वहीं, उन्होंने बताया कि इस दौर में साइबर सुरक्षा भी सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। मौजूदा समय में डाटा ही सब कुछ है। यह व्यापार के क्षेत्र में व्यापक भूमिका निभाता है।
ऐसे में डाटा को भी सुरक्षित रखना जरूरी है। इसी तरह समर गुप्ता ने कहा कि जो उत्पाद पहले मिलता था, वह मौजूदा समय में भी है। लेकिन, डिजिटल दुनिया ने इसे बदल दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी कंपनी को संचालित करने के लिए दोबारा सोचने की शैली महत्वपूर्ण है।
ग्राहक के दर्द को समझना है। उन्होंने बताया कि आईटी ने चीजों को आसान बनाया है। लेकिन, विजन होना जरूरी है। इस मौके पर आईआईएफटी के कुलपति प्रो. राकेश मोहन जोशी और पूर्व डीन प्रो. विवेक भट्टाचार्य उपस्थित रहे।
इंसान की जगह तकनीक नहीं ले सकती : प्रो. जोशी
आईआईएफटी के कुलपति प्रो. जोशी ने कहा कि तकनीक अच्छी है। तकनीक ने हर काम में इंसानों की मदद की है। लेकिन, तकनीक कभी भी इंसानों की जगह नहीं ले सकती है। उन्होंने कहा कि तकनीक बदलती रहती है। कॉन्क्लेव के पहले दिन विभिन्न सत्रों का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्रों ने विशेषज्ञों से अपने सवाल भी किए। इसमें उद्यमिता, वित्त, उत्पाद प्रबंधन, संचालन, विपणन, व्यापार, महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व के क्षेत्र में 10 शिखर सम्मेलन आयोजित होंगे।