शोध में पाया कि यह अकेले ही काफी कारगर है, जो न सिर्फ रक्त में शुगर की मात्रा को कम करती है, बल्कि कुछ अन्य फायदे भी पहुंचाती है, जैसे मोटापा में कमी लाना। शोधार्थियों के अनुसार, दारुहरिद्रा, गिलोय, विजयसार, गुड़मार, मजीठ व मैथिका जैसी औषधियां रोगी के रक्त में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखने के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा भी बढ़ती हैं।
मार्च 2019 में शुरू हुए अध्ययन को लेकर शोधार्थियों ने बताया, ‘‘हर साल अलग-अलग समूह के साथ अध्ययन किया गया था। इस दौरान हार्मोन प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर भी संतुलित पाया गया और लेप्टिन में कमी आई, जो शरीर में वसा को नियंत्रित करने में सहायक होता है। इसी तरह, ट्राइग्लिसराइड्स एक बुरा कोलेस्ट्रॉल है, जिसकी ज्यादा मात्रा शरीर के लिए नुकसानदायक होती है, इसमें भी कमी दर्ज की गई है।
अध्ययन में इसका रखा ध्यान
शोधार्थियों का कहना है कि लिपिड प्रोफाइल नियंत्रित रहने से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। ट्राइग्लिसराइड्स के अलावा कुल कोलेस्ट्रॉल, हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल और लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को देखा गया। मधुमेह रोगियों में हार्मोन प्रोफाइल बिगड़ने से भूख नहीं लगना, नींद नहीं आना आदि जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए अध्ययन किया गया।