एमसीडी की रिपोर्ट के अनुसार पूरे साल में डेंगू के 52 मामले सामने आए हैं। इसे महीने के हिसाब से देखें तो जनवरी में शून्य केस, फरवरी में दो केस, मार्च में पांच केस, अप्रैल में 10 केस, मई में 12 केस, जून में सात केस और जुलाई में 16 केस दर्ज हुए हैं।
दिल्ली नगर निगम द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार इस साल राजधानी में डेंगू के अब तक 52 केस सामने आए हैं। एक जनवरी से 31 जुलाई तक दिल्ली में कुल 52 केस आए हैं जो 2018 के बाद सबसे ज्यादा हैं। 2018 में इसी दौरान कुल 56 मामले सामने आए थे।
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इसी रिपोर्ट के अनुसार जुलाई के महीने में 16 केस दर्ज हुए थे। मच्छर जनित बीमारियों मुख्यतः जुलाई से नवंबर के बीच में होती हैं लेकिन यह समयावधि मध्य दिसंबर तक खिंच सकती है। एमसीडी की रिपोर्ट के अनुसार पूरे साल में डेंगू के 52 मामले सामने आए हैं। इसे महीने के हिसाब से देखें तो जनवरी में शून्य केस, फरवरी में दो केस, मार्च में पांच केस, अप्रैल में 10 केस, मई में 12 केस, जून में सात केस और जुलाई में 16 केस दर्ज हुए हैं।
जनवरी से जुलाई के महीने के बीच में ही अगर बीते सालों के आंकड़ों की बात करें तो साल 2016 में 119 केस, 2017 में 185 केस, 2018 में 56 केस, 2019 में 40 केस और 2020 में 31 केस दर्ज हुए थे। हालांकि इस साल डेंगू से कोई मौत नहीं हुई है।
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सोमवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार इस साल मलेरिया के 21 मामले और चिकगूनिया के 18 केस सामने आए हैं। पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी ने 29 जुलाई को प्रस्ताव पास किया है जिसमें डेंगू ब्रीडिंग चेकिंग स्टाफ के 710 पद निकाले गए हैं। 24 जुलाई को ईडीएमसी ने एक माह लंबा डेंगू के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू किया है। साथ ही अन्य निगमों ने भी डेंगू जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए अलग-अलग उपाय किए हैं।