टीबी की बीमारी अब फेफड़ों के अलावा आंखों को भी प्रभावित कर रही है। इसके चलते 13 साल की एक बच्ची की आंखों की रोशनी कम हो गई थी। दिल्ली के एक निजी अस्पताल में बच्ची का इलाज किया गया। वह अब पूरी तरह स्वस्थ है। दिल्ली की रहने वाली13 वर्षीय सिमी (बदला हुआ नाम) को कई महीनों से आंखों में सूजन और लालिमा की परेशानी हो रही थी। महामारी के कारण परिजन उसे अस्पताल ले जाने से डर रहे थे। धीरे-धीरे बच्ची की परेशानी बढ़ती रही। बच्ची को इलाज के लिए द्वारका के आकाश अस्पताल लाया गया। उसकी बाईं आंख की 40 और दाहिनी की 20 फीसदी रोशनी कम हो चुकी थी।
जांच करने पर पता चला कि बच्ची ग्रैनुलोमेटस पैनुवेइटिस नामक बीमारी से पीड़ित थी। यह आंखो में होने वाली दुर्लभ सूजन होती है जो भारत में लगभग 6 से 7 प्रतिशत बच्चों को प्रभावित करती है। आकाश अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की डॉक्टर विद्या नायर ने बताया की यह एक गंभीर बीमारी है। जो अलग- अलग कारणों से होती है। बच्ची को टीबी की वजह से यह परेशानी हुई थी। आंखों की समस्या और टीबी का एक साथ इलाज करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम बनाई। विभिन्न दवाएं देकर बच्ची का इलाज किया गया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है, हालांकि उसका टीबी का इलाज चल रहा है।