ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली क्षेत्र में शाहबेरी गांव के पास शुक्रवार रात करीब एक बजे झुग्गियों की मार्केट में आग लग गई। हादसे में दुकान पर सो रहे एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका भाई बुरी तरह झुलस गया।
उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। छह दुकानें जलकर राख हो गईं। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने कई बार 100 और 101 नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दोनों नंबरों पर बात ही नहीं हो पाई। सुबह करीब पांच बजे गाजियाबाद के कंट्रोल रूम से संपर्क हुआ। इसके बाद ही पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।
शाहबेरी गांव के पास बिल्डरों की कई साइट हैं। यहां मजदूरों ने रहने के लिए टीन शैड से मकान और अपनी जरूरत के लिए कुछ दुकानें बना रखी हैं। करीब 500 मजदूर यहां रहते हैं। शुक्रवार रात मुंगेर (बिहार) के हवेली-खडगपुर निवासी रानू उर्फ राना और उसका भाई उमेश दुकान में सो रहे थे। उन्होंने मोमबत्ती जलाकर रखी थी।
बताया गया है कि मोमबत्ती से दुकान में लग गई। सर्दी की वजह से दोनों भाइयों को आग लगने का पता नहीं चला। आग से रानू बुरी तरह झुलस गया था। भाई को बचाने के दौरान उमेश के हाथ और मुंह बुरी तरह से झुलस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसी बीच आग ने अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
काम नहीं आए इमरजेंसी नंबर
आग लगने के बाद लोगों ने पुलिस तथा दमकल विभाग से संपर्क किया, लेकिन इमरजेंसी नंबरों पर संपर्क नहीं हो सका। सुबह करीब पांच बजे गाजियाबाद का 100 नंबर लगा। उसने नोएडा पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन तब तक रानू की मौत हो चुकी थी।