डीडीए ने सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट को तोड़ने व मलबे का निपटान करने के लिए छह माह का समय तय किया है। इस तरह छह माह के लिए सलाहकार नियुक्त कर रहा है। डीडीए सलाहकार की सलाह पर अपार्टमेंट को तोड़ने की कार्रवाई करेगा।
डीडीए ने मुखर्जी नगर स्थित सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट को तोड़ने की कवायद आरंभ कर दी है। अपार्टमेंट को तोड़ने व मलबे को निपटाने के लिए सलाहकार की मदद की जाएगी। लिहाजा सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया के लिए टेंडर जारी कर दिया है। करीब डेढ़ दशक पहले बनाया गया यह अपार्टमेंट अब जर्जर हालत में है, दरअसल इनके निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था।
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डीडीए ने सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट को तोड़ने व मलबे का निपटान करने के लिए छह माह का समय तय किया है। इस तरह छह माह के लिए सलाहकार नियुक्त कर रहा है। डीडीए सलाहकार की सलाह पर अपार्टमेंट को तोड़ने की कार्रवाई करेगा। सलाहकार मलबे का निपटान करने की भी सलाह देगा। इस माह की 16 तारीख को सलाहकार नियुक्त करने की समस्त प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा है। बताया जा रहा है कि डीडीए इस अपार्टमेंट को नोएडा के ट्विन टावर की तरह ध्वस्त करना चाहता है, लेकिन इस बारे में अंतिम निर्णय सलाहकार की सलाह पर होगा। सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट में 12 टावर हैं और उनमें 336 फ्लैट हैं। इन टावरों को रहने के लिहाज से असुरक्षित घोषित कर दिया गया है।
पुनर्निर्माण का मामला उलझा
अपार्टमेंट के पुनर्निर्माण का मामला उलझा हुआ है। दरअसल अपार्टमेंट की नई आरडब्ल्यूए ने डीडीए के मौजूदा प्रस्ताव को मानने से इन्कार कर दिया था। उसका कहना है कि डीडीए के साथ बैठक के बाद ही नया प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। मौजूदा प्रस्ताव को स्वीकार करने की अंतिम तिथि बीत चुकी है। अपार्टमेंट के अधिकतर निवासियों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।