डीडीए बेशक तीन श्रेणियों में करीब 40,000 फ्लैटों की नई आवासीय योजना लॉन्च करने जा रहा है, लेकिन इसमें से ज्यादातर फ्लैट वे हैं, जिनको पिछली आवासीय योजनाओं में शामिल किया गया था। सख्त नियम-कायदों के कारण डीडीए पिछली योजनाओं में इनको बेच नहीं सका था। डीडीए ने अब नियमों में फेरबदल किया है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर फ्लैट देने की प्राधिकरण की योजना है। वहीं, इस बीच इन इलाकों में सड़क समेत दूसरी बुनियादी सुविधाएं भी बेहतर हुई हैं। इससे डीडीए को इस योजना में सभी फ्लैट बिकने की उम्मीद है।
डीडीए की नई हाउसिंग स्कीम में 40 हजार फ्लैट शामिल किए गए हैं। इसमें से करीब 34,000 फ्लैट सस्ता घर आवासीय योजना में हैं। इनका आवंटन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा। इस स्कीम में शामिल अधिकतर फ्लैट पुराने हैं। इनमें से कई फ्लैट 2014 से लेकर पिछले साल जारी छह आवासीय स्कीमों का हिस्सा रहे हैं। नरेला, लोकनायकपुरम, सिरसपुर समेत दूसरे इलाकों में बने ज्यादातर फ्लैटों को खरीदने में लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। इसकी बड़ी वजह इनका मुख्य दिल्ली से दूर होना था।
साथ में वहां बुनियादी सुविधाओं का विकास भी सही तरीके से नहीं हो सका था। वहीं, नियम कायदों ने अड़चन पैदा की। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत उनको हुई, जिनका दिल्ली में मकान था। नियम के हिसाब से वह चाहकर भी आवासीय योजनाओं का हिस्सा नहीं बन सकते थे। लिहाजा डीडीए के करीब 50 फीसदी फ्लैट नहीं बिक सके। डीडीए की नई स्कीम में कुछ नए फ्लैट भी शामिल किए गए हैं। यह फ्लैट द्वारका में बनाए हैं।
डीडीए ने नई स्कीम में लोगों को फ्लैट खरीदने के मामले में आकर्षित करने के लिए छूट का भी प्रावधान किया है। इसके अलावा वह उन लोगों को भी फ्लैट आवंटित करेगा जिनका दिल्ली में पहले से मकान है। लिहाजा डीडीए को इस स्कीम के तहत 50 प्रतिशत से अधिक फ्लैट बिकने की उम्मीद है। दरअसल डीडीए के नरेला, लोकनायकपुरम, सिरसपुर आदि दूरदराज बने फ्लैट नहीं बिक रहे हैं। इन स्थानों पर ही बड़ी संख्या में उसके फ्लैट हैं। यह फ्लैट वर्षों से बंद पड़े हैं और उनकी स्थिति भी खराब हो गई थी। हालांकि डीडीए नेे उन फ्लैटों को दुरुस्त कर दिया है, इस कारण गत वर्ष वाली याेजना के तहत इन स्थानों पर कुछ फ्लैट खरीदने में लोगों ने रुचि दिखाई थी।
कई साल पहले द्वारका में बने फ्लैटों की मरम्मत करके बनाया रहने लायक
डीडीए ने द्वारका में कुछ नए फ्लैट बनाए हैं। इनको इस योजना में शामिल किया गया है। वहीं, मरम्मत करके पुराने फ्लैटों को रहने लायक बना दिया है। इनकी बाहर और अंदर से मरम्मत की गई है। वहीं, कैंपस में सड़क, पार्क समेत दूसरी बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं। इससे डीडीए को उम्मीद है कि इस बार फ्लैट बिक जाएंगे। इसी तरह के बदलाव करके पहले द्वारका के सेक्टर-19 बी में सभी फ्लैट पिछली स्कीम में बेच दिए थे। अब उन पर कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।