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15 रास्ते जो पूरा करेंगे दिल्ली में घर का सपना

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दिल्ली विकास प्राधिकरण के फ्लैटों के लिए सोमवार से आवेदन फॉर्म बिकने शुरू हो गए हैं। स्कीम 2014 के तहत 25034 परिवारों को आशियाना मिलेगा।
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इस स्कीम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आवेदन शुरू होने के कुछ देर बाद ही लोड बढ़ने से डीडीए की वेबसाइट क्रैश हो गई।

आवेदनकर्ताओं के भाग्य का फैसला 29 अक्तूबर तक हो जाएगा। अगले साल मार्च में घर का पजेशन मिलेगा। इस बार वन बेड रूम के 22627 फ्लैट होंगे।

ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 700 के करीब फ्लैट हैं। सोमवार को डीडीए मुख्यालय में डीडीए उपाध्यक्ष बलविंदर कुमार ने हाउसिंग स्कीम 2014 को विधिवत लॉन्च किया।

आइए जानते हैं कि अगर आपको दिल्ली में घर चाहिए तो क्या करना होगा...
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ऑनलाइन आवेदन करने की भी सुविधा

(1). इस बार 15 लाख फॉर्म छपवाए गए हैं।

(2). इन बैंकों से ले सकते हैं फॉर्म - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सिंडीकेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईडीबीआई बैंक, कोटक महेंद्रा बैंक, यूनियन बैंक, इंडस बैंक, यश बैंक और एक्सिस बैंक।

(3). फॉर्म को भरकर इसी बैंक में जमा भी करा सकेंगे।

(4). आवेदन करने के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क एक लाख रुपये है।

(5). डीडीए ने एनसीआर क्षेत्र में भी आवेदन फॉर्म बेचने की योजना बनाई है।

(6). लिहाजा बैंकों को यह छूट दी गई है कि वे अपने-अपने ब्रांचों में आवेदन फॉर्म की बिक्री कर सकें।

(7). 150 रुपये का आवेदन फार्म बैंकों में ही मिलेगा।

(8). डीडीए ने इस बार ऑनलाइन आवेदन करने की भी सुविधा दी है। इसके लिए डीडीए की साइट www.dda.org.in पर जाकर फार्म डाउनलोड करना होगा।
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स्कीम के तहत फ्लैटों में आरक्षण की सुविधा

(9). ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा भी हाउसिंग स्कीम में दी गई है। लिहाजा आप अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट कर सकते हैं।

(10). आवेदन के लिए पैन कार्ड आवश्यक है। अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो आप डीडीए हाउसिंग स्कीम में शामिल नहीं हो सकते।

(11). डीडीए हाउसिंग स्कीम के तहत आरक्षित श्रेणियों को लाभ देने के लिए कुछ विशेष व्यवस्था की गई है।

(12). 28 प्रतिशत फ्लैट को आरक्षित किया जाएगा।

(13). स्कीम 2010 की तरह नई स्कीम में भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, शहीद सैनिकों की विधवा, असक्त और भूतपूर्व सैनिकों के लिए फ्लैट आरक्षित होंगे।

(14). शर्त के अनुसार अगर अनुसूचित जनजाति के आवेदकों की पर्याप्त संख्या में आवेदन-पत्र नहीं प्राप्त होते हैं तो बचे हुए फ्लैट्स अनुसूचित जाति के आवेदकों को दे दिया जाएगा।

(15). ठीक ऐसे ही अगर अनुसूचित जाति के आवेदकों की संख्या कम पड़ती है तो उसे अनुसूचित जनजाति के हक में वितरित किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार कुल 25034 फ्लैटों में 17.5 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लिए, 7.5 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के लिए, 1-1 प्रतिशत शहीद सैनिकों की विधवाओं, असक्त और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किया जाएगा।
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