भाजपा नेता महेश गिरी की भूख हड़ताल के बाद से एनडीएमसी के वकील एमएम खान की हत्या का पूर्ण रूप से राजनीतिकरण हो चुका है। एक ओर जहां आम आदमी पार्टी एलजी व दिल्ली पुलिस समेत केंद्र सरकार पर खान के हत्यारों को बचाने का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा सांसद इसे सिरे से खारिज करते हुए सीएम केजरीवाल को खुली बहस तक के लिए चुनौती दे चुके हैं।
आज अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर से खान हत्याकांड में एक नया मोड़ आ गया है। जिसके अनुसार एमएम खान की हत्या के ठीक अगले ही दिन दिल्ली के एलजी नजीब जंग ने होटल मालिक रमेश कक्कड़ की याचिका पर कार्रवाई करते हुए एनडीएमएसी को खान के खिलाफ कानून के अनुसार एक्शन लेने के लिए कहा था।
यह एकमात्र ऐसी याचिका नहीं है जिसपर नजीब जंग ने कार्रवाई की। इंडियन एक्सप्रेस को मिले दस्तावेजों के अनुसार खान की हत्या के ठीक पांच दिन पहले 11 मई को एलजी ने एनडीएमसी को एक और पत्र भेजा था। इस बार ये पत्र सांसद महेश गिरी के नोट के रिफरेंस में भेजा गया था जो उसी विषय में था जिस पर रमेश कक्कड़ ने एलजी को याचिका भेजी थी।
लाइसेंस फीस के 140 करोड़ नहीं दे पा रहे थे कक्कड़
एमएम खान की बेटी
- फोटो : ani
मालूम हो कि एनडीएमसी के वकील खान की हत्या जामिया नगर स्थित उनके घर के बाहर ही 16 मई को हुई थी। दो बाइकसवारों ने इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार खान ने होटल मालिक रमेश कक्कड़ से रिश्वत लेकर उसके कनॉट प्लेस स्थित होटल के लाइसेंस को रद्द न करने से इंकार कर दिया था।
गौरतलब है कि एनडीएमसी ने फरवरी 2015, को कक्कड़ का होटल सील कर दिया था क्योंकि उसने लाइसेंस फीस जो 140 करोड़ थी काउंसिल को नहीं अदा की थी। इस विषय पर जब एलजी के निजी सचिव विश्वेंद्र और सलाहकार सिमी मल्होत्रा से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे बात नहीं हो सकी।
जब इस बारे में भाजपा सांसद महेश गिरी से पूछा गया तो वो बोले कि मेरे कार्यालय से कई तरह के पत्र विभिन्न लोगों को भेजा जाता है, लेकिन एमएम खान के संबंध में मेरे ऑफिस से कोई पत्र नहीं भेजा गया।
जिस खत से महेश गिरी ने किया इंकार उसका जवाब दिया था एनडीएमसी ने
नजीब जंग
हालांकि एनडीएमसी के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि निगम ने एलजी के उस खत का जवाब दिया था जो महेश गिरी के नोट को रेफर करते हुए लिखा गया था।
एनडीएमसी का रिकॉर्ड बताता है कि खान की हत्या के बाद एलजी के दो खतों का उत्तर निगम ने दिया था और इस मामले में खान का क्या रुख रहा था वो भी बताया। एमएम खान की हत्या के दो दिन बाद 18 मई को पुलिस ने कक्कड़ और अन्य 5 लोगों को खान हत्याकांड में गिरफ्तार किया था।
खान की हत्या उस वक्त हुई जब दो दिन बाद ही वो कक्कड़ के होटल के लाइसेंस मामले में अपना आखिरी फैसला सुनाने वाले थे। मालूम हो कि इस मामले का राजनीतिकरण उस खत के जरिए शुरु हुआ जो भाजपा नेता व एनडीएमसी के वाइस-चेयरपर्सन करण सिंह तंवर ने एलजी को 6 मई को लिखा था।
इस खत में उन्होंने एलजी से अपील की थी कि कनॉट होटल मामले में खान अन्यायपूर्ण रवैया अपना रहे हैं इसलिए नजीब जंग खुद इसमें बीच बचाव करें और खान के खिलाफ कार्रवाई करें।