वहीं कंपनी में काम करने वाले स्थाई कर्मचारी जितेंद्र सिंह निवासी बासतपुर के पिता इंद्रजीत सिंह को भी जब उनके बेटे की नौकरी जाने की जानकारी मिली तो सदमे में उनकी भी मौत हो गई। जितेंद्र ने बताया कि उसके पिता गांव में ही अपने घर में रहते थे। सुबह घर जाने के दौरान रास्ते में उन्हें किसी ने बेटे की नौकरी छूट जाने की बात बताई।
बताया कि इसके बाद उसके पिता की हालत बिगड़ गई। घर आने के कुछ देर बाद ही हृदयाघात के चलते उनकी मौत हो गई। इधर फरीदाबाद निवासी ललित भारद्वाज की मां भी अपने बेटे के रोजगार छिन जाने पर हार्ट अटैक का शिकार हो गईं। वह फरीदाबाद स्थित एक अस्पताल में आईसीयू में भर्ती हैं।
कर्मचारी को हृदयाघात आने पर मचा हड़कंप
धरना-प्रदर्शन के दौरान सुबह हसनपुर निवासी कर्मचारी टेकचंद शर्मा को हार्ट अटैक आ गया। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। साथी कर्मचारियों ने आनन-फानन में उसे गाजियाबाद स्थित गणेश हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां अभी भी उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।