डीयू के कन्वेंशन हॉल में रात तक चली बैठक में अधिकतर वे प्रस्ताव शामिल हैं, जिन्हें अकादमिक परिषद (एसी) की बैठक में पास किए गए थे। अकादमिक परिषद की स्थायी समिति की सिफारिश के आधार पर स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के एडमिशन से संबंधित विभिन्न मामलों पर विचार-विमर्श के उपरांत उन्हें भी कार्यकारी परिषद द्वारा स्वीकार किया गया है।
इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2023-24 से एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) पाठ्यक्रम को भी मंजूरी मिल गई है। यह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चार वर्षीय कोर्स होगा। डीयू का शिक्षा विभाग और बीएलएड पाठ्यक्रम चलाने वाले आठ कॉलेज आईटीईपी पाठ्यक्रम के लिए शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 के लिए आवेदन करेंगे। इसके साथ ही एलएलबी के दो नए पाठ्यक्रम को भी शुरु किया जाएगा। इसकी सालाना फीस दो लाख 16 हजार रुपये के आसपास होगी। वहीं, स्नातक में विनायक दामोदर वीर सावरकर को पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला लिया है। जिससे छात्र अब वीर सावरकर को पढ़ेंगे।
360 छात्रों के साथ शुरू होगा बीटेक पाठ्यक्रम
प्रौद्योगिकी संकाय के वर्तमान विभागों के तहत कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के प्रोग्राम बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियर, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के प्रोग्राम बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोग्राम बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के संचालन के लिए गठित समिति को भी ईसी की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई। डीयू को शिक्षा मंत्रालय द्वारा अपने प्रौद्योगिकी संकाय के लिए 72 शिक्षण व 48 गैर शिक्षण पदों के सृजन हेतु स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। फिलहाल इन विभागों के तहत 14 शिक्षकों की नियुक्तियां ही की जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2023-24 से तीन बीटेक प्रोग्राम शुरू करने की सिफारिश की है। इनके तहत कुल 360 विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाएगा। जिनमें प्रत्येक बीटेक प्रोग्राम के लिए 120 छात्र होंगे। इन प्रोग्रामों के लिए प्रवेश जेईई मेन्स स्कोर के आधार पर दिया जाएगा। प्रोग्रामों के पहले दो सेमेस्टर की पाठ्यक्रम संरचना, क्रेडिट वितरण और पाठ्यक्रम तैयार हो चुके हैं।