दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्सेज में दाखिले के लिए सीएसएएस प्रक्रिया (कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम) सीयूईटी परीक्षा हो जाने के बाद शुरू होगी। सीयूईटी परीक्षा 15 से 31 मई के बीच होनी है। ऐसे में डीयू प्रशासन जून से स्नातक कोर्सेज के लिए दाखिला प्रक्रिया जून से शुरू करने की तैयारी कर रहा है। सीएसएएस फॉर्म में भरने के लिए बारहवीं के अंक चाहिए, लेकिन सीट का आवंटन सीयूईटी स्कोर के आधार पर ही किया जाएगा। आवंटन से पहले अंकों व विषयों की मैपिंग भी की जाएगी।
डीयू अधिकारी के अनुसार सीयूईटी परीक्षा हो जाने के बाद ही कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम को शुरू किया जाएगा। इसको लेकर हम तैयारी कर रहे हैं। इस सिस्टम के तहत छात्रों को स्नातक कोर्सेज के लिए फॉर्म भरना होगा। हमारी सलाह है कि छात्र आवेदन करते समय छात्र सभी कॉलेज के सभी कोर्सेज का चयन करें, जिससे कि दाखिले के समय उन्हें परेशानी ना हो। छात्रों को यह भी ध्यान रखना है कि छात्रों को जिस भी कोर्स व कॉलेज का आवंटन होगा, उसमें छात्रों को दाखिला लेना ही होगा।
पहले ही जारी हो चुका इंर्फोमेशन बुलेटिन
मालूम हो कि अभी सीयूईटी यूजी परीक्षा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। सीयूईटी के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद डीयू काफी पहले ही अपना इंर्फोमेशन बुलेटिन जारी कर चुका है। जिससे कि छात्रों को कोर्स संबंधी योग्यताओं का पता चल सके।
दो से तीन चरणों में होगी दाखिला प्रक्रिया
कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम के माध्यम से दाखिले की प्रक्रिया दो से तीन चरणों में पूरी की जाएगी। इसके लिए सीएसएएस पोर्टल लांच किया जाएगा। यहीं से छात्रों को पंजीकरण करना होगा। इसमें व्यक्तिगत विवरण और बारहवीं कक्षा में प्राप्त शैक्षणिक अंक भरने होंगे। इसके बाद छात्रों को बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों को भरना होगा। इसके बाद सीएसएएस यूजी प्रक्रिया का दूसरा चरण सीयूईटी परीक्षा के परिणाम के बाद शुरू होगा।इस चरण में छात्रों को सीएसएएस डैशबोर्ड में लॉग इन कर वरीयता भर कर इसे पूरा करना होगा। डीयू की छात्रों को सलाह है कि उन्हें इस चरण में अधिक से अधिक प्रोग्राम व कॉलेज का चयन करना है। यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि अलग-अलग कॉलेजों में दाखिले के लिए अलग फॉर्म नहीं होगा। बल्कि एक फॉर्म से ही सब कॉलेजों को भरा जा सकता है। यह सब प्रक्रिया शुरू होने से पहले छात्रों को अपने दस्तावेज तैयार करके रखने होंगे, जिससे कि दाखिले के समय उन्हें परेशानी न हो।