अगर आप नया मोबाइल फोन खरीदकर लाए हैं तो उसका बिल जरूर संभालकर रखें। हो सकता है कि आपके मोबाइल का आईएमईआई नंबर क्लोन कर उसका उपयोग कोई अपराधी कर ले। ऐसे में पुलिस अगर आईएमईआई नंबर ट्रेस कर आप तक पहुंचती है तो आपका बिल ही आपको बचा सकेगा। साहिबाबाद से पकड़े गए गिरोह से बरामद पांच मोबाइल फोन ऐसे हैं, जिनका आईएमईआई नंबर कहीं और भी संचालित है।
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आपके मोबाइल का आईएमईआई नंबर क्लोन कर बदमाश कर सकते हैं अपराध
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दरअसल, लुटेरों ने उन लोगों के फोन की आईएमईआई नंबर को क्लोन कर अपने मोबाइल में चालू कर लिया था। पुलिस अब उन सभी लोगों से पूछताछ करेगी। क्राइम ब्रांच प्रभारी दिनेश यादव ने बताया कि साहिबाबाद से पकड़े गए गिरोह से बरामद मोबाइल फोन की जांच की गई तो पांच मोबाइल की आईएमईआई पहले ही गुजरात, दादरी, दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में चलती पाई गई है।
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आईएमईआई नंबर पहले ही दूसरे मोबाइलों में चलने लगे हैं
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पुलिस के अनुसार इसे आईएमईआई क्लोनिंग कहते हैं। एक आईएमईआई के मोबाइल से कोई अपराध होता है तो दोनों आईएमईआई यूजर्स को पुलिस पकड़ती है। ऐसे में उसी यूजर को पुलिस क्लीन चिट देती है, जिसके पास अपने मोबाइल का बिल होता है।
ब्लैकबेरी और आईफोन का नहीं बदला जाता आईएमईआई
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मोबाइल दुकान में, आईएमईआई नंबर चालू क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि गिरोह ने लूटे गए मोबाइल फोन में कुछ ऐसे आईएमईआई नंबर डाले हैं जो वर्तमान में कंपनी के डिब्बा बंद मोबाइल में बंद हैं। ये मोबाइल अब तक बिके भी नहीं है और उनके आईएमईआई नंबर पहले ही दूसरे मोबाइलों में चलने लगे हैं।
ब्लैकबेरी और आईफोन का नहीं बदला जाता आईएमईआई क्राइम ब्रांच प्रभारी ने बताया कि सिर्फ आईफोन और ब्लैकबेरी के फोन के आईएमईआई नंबर नहीं बदले जा सकते। ऐसे में आईफोन और ब्लैकबेरी फोन लूटने के बाद गिरोह उनके पार्ट्स निकालकर बेचता था।