देह व्यापार के लिए लड़कियों की तस्करी के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने जलपाईगुड़ी निवासी आनंद विश्वा उर्फ बिस्वास और श्रीनगर निवासी फारिस शुजा जलाली उर्फ अनूप को चार साल कैद की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने दोनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने 7 जुलाई को आरोपियों को आईटीपी एक्ट के तहत दोषी ठहराया था।
तीस हजारी स्थित विशेष सीबीआई जज जेपीएस मलिक ने बृहस्पतिवार को इमोरल ट्रैफिकिंग प्रिवेंशन एक्ट के तहत सजा सुनाई है।
इन इलाकों की लड़कियां बनती थीं निशाना
सीबीआई की एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट ने छह अगस्त 2012 को दोषियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी। इसमें कहा गया कि आनंद लड़कियों की तस्करी में शामिल था।
वह नौकरी का झांसा देकर दार्जिलिंग और उत्तर पूर्वी राज्यों से नाबालिग लड़कियों को दिल्ली बुलाता था। इस मामले में भी उसने नौकरी का झांसा देकर लड़की को दिल्ली बुलाया था।
लड़की के दिल्ली आने से पहले ही विश्वा ने उसका जलाली से 40 हजार में सौदा पक्का कर दिया था।
लड़की बेचने के लिए ली थी पेशगी
विश्वा के झांसे में आकर लड़की 13 अप्रैल, 2012 को दिल्ली आई थी। सीबीआई की टीम ने उसी दिन दोनों आरोपियों को लाजपत नगर से गिरफ्तार कर पीड़िता को मुक्त करवा लिया था।
लड़की को बेचने के लिए पेशगी के 9,500 रुपये भी सीबीआई ने बरामद कर किया था। जांच में सीबीआई को जलाली के बैंक खाते से 22 लाख रुपये मिले थे। वह इसका कोई हिसाब किताब नहीं दे पाया था।