गुड़गांव में दो नाबालिग सगी बहनों के साथ बड़ी बेरहमी से गैंगरेप किया गया। दरिंदे रात का फायदा उठाते हुए दोनों बच्चियों को कमरे से उठाकर ले गए।
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हैवानियत की हद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पीड़िताओं के परिवार को बुरी तरह मारपीट कर कमरे में बंद कर दिया और पास वाले कमरे में ही बच्चियों से दुष्कर्म किया।
पीड़िताओं की मां ने बताया कि शनिवार रात साढे़ नौ बजे हम खाना खाकर सो रहे थे। अचानक मकान के नीचे गाड़ी रुकने की आवाज आई और अचानक पांच छह लड़के कमरे में आ गए और मेरी दोनों बेटियों को उठाने लगे।
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'रातभर बेटियां चीखती रहीं, हम रोते रहे'
पीड़िता की मां ने बताया कि मेरा बेटा और उसकी बहू भी जाग गई। मेरे बेटे ने उन लड़कों का विरोध किया तो उसके साथ आरोपियों ने मारपीट की। बहू की गर्दन और बाल पकड़कर उसे घसीटा। मुझे लात और मुक्कों से मारा।
उन लड़कों में एक मकान मालिक का छोटा भाई और उसका साथी दोनों बेटियों को उठाकर ले गया और कमरे के बाहर से कुंडा लगा दिया।
महिला ने बताया कि पास वाले कमरे से बच्चियों के चीखने की आवाज सुनाई दे रही थी, लेकिन हम कुछ नहीं कर पाए। लोगों से मदद के लिए काफी आवाज लगाई, लेकिन कोई भी मदद के लिए नहीं पहुंचा।
बस, हमारी जान बचा लीजिए साहब...!
बेटे और बहू को तो पूरा होश भी नहीं था। पूरी रात ऐसे ही गुजार दी। रविवार सुबह कुछ लड़के पास की फैक्ट्रियों में ड्यूटी के लिए जा रहे थे। उनसे गुहार लगाई तो उन्होंने कमरे का कुंडा खोला।
मैं तुरंत पास वाले कमरे में गई छोटी लड़की बेहोश थी दूसरी सहमी हुई। लड़कियों की हालत देखकर काफी लोग इकट्ठा हो गए। अस्पताल में एक अंधेरे कोने में छिपकर बैठे पीड़िताओं के बड़े भाई ने बताया कि सुबह दरवाजा खोलने के बाद जब लोग इकट्ठा हो गए तो आरोपी अपने बडे़ भाई और कुछ लोगों के साथ फिर पहुंचा।
उसने पहले किसी को भी न बताने की धमकी दी। लेकिन मां जब चिल्लाने लगी तो कमरे से सारा सामान बाहर फेंक दिया। हम वहां से किसी तरह बारिश में पैदल ही हाईवे तक आए तो आरोपी ने पीछे कुछ लोग लगा दिए। किसी तरह जान बचाकर यहां तक पहुंचे हैं। हमें जहां भी चोट लगी है ठीक हो जाएगी बस, हमारी जान बचा लीजिए साहब...!
आरोपी मकान मालिक साथियों संग फरार
वारदात के बाद से आरोपी मकान मालिक और उसके सभी साथी फरार हैं। मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है। रविवार देर शाम पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
पीड़ित परिवार मध्यप्रदेश के शहडोल का है, जो एक महीने पहले ही गांव में रहने आया था। परिवार वाले आठ सौ रुपये में एक कमरा किराये पर लेकर पास की ही फैक्ट्री में काम पर जाने लगे थे। दोनों बहनों में एक की उम्र 13 जबकि दूसरी की 16 साल है।
परिवार के अनुसार, वे किसी तरह वहां से जान बचाकर सिविल अस्पताल पहुंच गए। मेडिकल जांच में दोनों से दुष्कर्म की पुष्टि हो गई है। संयुक्त पुलिस आयुक्त विवेक शर्मा ने बताया कि मामला दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। छानबीन के बाद ही सभी आरोपियों के नामों का खुलासा हो सकेगा।
हो सकता है बड़ा बवाल
गुड़गांव में 12 दिनों में चार मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले सामने आने के बाद लोगों में पुलिस के प्रति काफी गुस्सा है। शनिवार रात दो सगी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म को महिलाओं ने पुलिस की नाकामी करार दिया है।
महिलाओं का कहना है कि प्रशासन मासूम बच्चियों के साथ हो रही हैवानियत को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। पुलिस को अपनी नाकामी के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
सशक्त नारी परिषद् की अध्यक्षा दीपा अंतिल के अनुसार शहर में मासूमों के साथ लगातार ऐसी वारदातें हो रही हैं। ताज्जुब है कि पुलिस प्रशासन दोषियों को ही नहीं पकड़ पा रहा है। ऐसे दरिंदों को पुलिस तुरंत गिरफ्तार कर हमें सौंप दे।