बेटे को लपटों में घिरा देख मां उससे लिपट गईं और आग बुझाने की कोशिश करने लगी। इसी दौरान कैलाश कौर के कपड़ों में आग लग गई।
शोर-शराबा होने पर गुरविंदर और पड़ोस में रहने वाला दिनेश भागकर पहुंचे और आग बुझाकर दोनों को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान कवलप्रीत की मौत हो गई, उसकी मां को तबियत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
वहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई। कैलाश कौर के बयान पर पुलिस ने खुदकुशी करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मां से आर्थिक मदद नहीं मिलने की वजह से उसने यह कदम उठाया है।