दादरी के नई आबादी मोहल्ले में बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान दरोगा अख्तर खान की गोली मारकर हत्या करने वाले जावेद की तलाश पुलिस अब ऑटो चालकों के बीच कर रही है। एक साल पहले जावेद लूट करने के बाद मेरठ में ऑटो चलाने लगा था। उस तक पहुंचने के लिए अब पुलिस ऑटो चालकों की मदद ले रही। वहीं उसके रिश्तेदार समेत नजदीकी लोगों ने मोबाइल फोन बंद कर लिए।
दरोगा अख्तर खान की हत्या में जावेद, फुरकान और तोता आदि के खिलाफ दादरी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जावेद और तोता फरार हैं। जावेद की अंतिम लोकेशन मेरठ में मिली थी। इसके बाद से उसका मोबाइल बंद है। यहीं नहीं जावेद के रिश्तेदार घरों पर ताला बंद कर फरार हैं।
उनके भी मोबाइल बंद हैं। एक साल पहले लूट करने के बाद जावेद की तलाश पुलिस कर रही थी। वह मेरठ में ऑटो चलाता मिला था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को पता चला था जावेद ऑटो चालक बनकर छुपा था। सूत्रों के मुताबिक गिरोह के सदस्य दादरी में पुलिस से बचने के लिए बुलंदशहर, शिकारपुर समेत दूसरे स्थानों से ईंट लाने वाले ट्रकों पर मजदूरी करने लगे हैं। दिनभर कामकाज के बाद रात में नजदीकी व्यक्ति के घर पर ठहर जाते थे।
सरेंडर की चर्चा कर रहे लोग
दादरी। इस मामले के जावेद और तोता के घर रविवार शाम कुर्की के नोटिस चस्पा करा दिए गए थे। लोगों में ये नोटिस चर्चा का विषय बने हैं। नोटिस को चस्पा करने के दौरान पुलिस ने ढोल बजाकर कार्रवाई की थी। सारा दिन आसपास के लोगों द्वारा नोटिस पढ़ने का सिलसिला चलता रहा। लोग उसकी गिरफ्तार और सरेंडर को लेकर चर्चाएं कर रहे हैं।
फुरकान-तोता का घर बंद, जावेद का खुला
पुलिस ने फुरकान और तोता के घर पर ताला लगा दिया, जबकि जावेद का घर खुला छोड़ दिया गया है। उधर, जावेद की गिरफ्तारी को लेकर नगर के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ का सिलसिला जारी है। पुलिस को जहां भी कुछ सुराग मिलता है तत्काल उसको हिरासत में ले रही है।