आरिफपुर बड़का में दूध कारोबारी प्रमोद (34) की हत्या गांव की एक छात्रा से मिलने पर की गई थी। छात्रा के भाई ने दो दोस्तों के साथ हत्याकांड को अंजाम दिया था।
मसूरी पुलिस ने छात्रा के भाई और हमलावर को गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दो तमंचे और बाइक भी बरामद कर ली है। तीसरा आरोपी फरार है।
एएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि वारदात में आरिफपुर बड़का निवासी सूबे, आजाद और सचिन शामिल थे। सूबे 10वीं में पढ़ता है और सचिन और आजाद सेटरिंग का काम करते हैं।
सूबे और उसके दोस्त आजाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि दूध कारोबारी और तीन बच्चों के पिता प्रमोद की दोस्ती 12वीं में पढ़ने वाली सूबे की बहन से थी।
सूबे ने प्रमोद को बहन से दूर रहने की चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बाद भी दोनों मिलना जारी था। बस इसी बात पर बृहस्पतिवार रात मुरादनगर से दूध सप्लाई कर प्रमोद जब वापस घर लौट रहा था तो गांव के ही आजाद ने उससे लिफ्ट ली।
आजाद ने बताया कि वह बाइक पर पीछे बैठ गया, सचिन और सूबे दूसरी बाइक से उनका पीछा करने लगे। चित्तौड़ा पुल के पास आजाद ने पीछे से तमंचे से सिर में गोली मारकर प्रमोद की हत्या कर दी।
इसके बाद आजाद साथियों के साथ दूसरी बाइक पर बैठकर भाग गया। परिजनों ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने शुक्रवार सुबह आजाद और सूबे को नाहल झाल से गिरफ्तार किया गया। सूबे की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल तमंचा खरखौदा में एक मकान से बरामद कर लिया।
चाचा से मांगी थी बाइक
सूबे ने बताया कि बृहस्पतिवार को होटल पर जाने के बहाने उसने चाचा से बाइक मांगी थी। प्रमोद उसकी बहन को छेड़ता था। हालांकि पुलिस ने छेड़खानी से इंकार किया है।
एएसपी ने बताया कि इस संबंध में कोई शिकायत भी नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि प्रमोद सूबे की बहन और उसकी एक महिला रिश्तेदार से मिलता जुलता था, जोकि सूबे को पसंद नहीं था।