पिलखनी में सर्राफ की लूट के विरोध पर हत्या करने वाले बदमाशों के पास संजय वर्मा के मूवमेंट की पूरी खबर थी। यही कारण है कि बेखौफ बदमाश पूरी तरह योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। सुनसान जगह पर सर्राफ को निशाना बनाया।
रायवाला निवासी संजय वर्मा रोजाना बस से सहारनपुर से पिलखनी और वहां से वापस घर आते थे। बदमाशों ने शाम को वापसी के समय सर्राफ को निशाना बनाया। उधर, सरेशाम हत्या और लूट की वारदात के बाद आसानी से बदमाशों के गायब होने से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होना लाजिमी है।
ग्रामीणों की मानें तो वारदात करने वाले तीनों ही बदमाश 25 साल के उम्र वाले थे। हत्या करने के बाद बैग लेकर वे चंद मिनटों में ही ओझल हो गए।
गांव से सड़क पर आने का एक मात्र रास्ता ः जिस सड़क के किनारे सर्राफ की हत्या और लूट की वारदात हुई, वह पिलखनी को मेन रोड से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क है। ऐसे में बदमाशों इस बात को जानते थे कि सर्राफ इसी रास्ते से गुजरेगा। शुक्रवार को सर्राफ संजय वर्मा दुकान पहुंचने में लेट हो गया था। यही कारण है कि दुकान उसने देर से बंद की।
सही को-आर्डिनेशन होता तो होती घेराबंदी ःवारदात के ठीक बाद बदमाशों को घेरने के लिए ग्रामीणों ने पूरी कोशिश की। बदमाश बाइक पर सवार होकर भागे तो ग्रामीणों ने पीछा करने की कोशिश की। इसी बीच तत्काल पुलिस को भी सूचना दे दी गई थी।
मगर, सरसावा पुलिस न तो समय से मौके पर पहुंची और न ही इस घटना की जानकारी आगे के थानों को दी। जबकि, साफ था कि बदमाश सहारनपुर की ओर भागे थे। अगर सही कोआर्डिनेशन होता तो शायद बदमाशों की घेराबंदी की जा सकती थी।
लोकल के ही हैं बदमाश
वारदात के तरीके से साफ है कि बदमाश लोकल के हैं। बदमाशों के पास बाइक और तमंचा है। ऐसे में यह कोई छोटा और नौसिखिया गैंग है। पुलिस मान रही है कि गोली 315 बोर के तमंचे से मारी गई है।
अधिकारी कहिन
बदमाशों की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश जारी है। हमारी आधा दर्जन टीमें बदमाशों की तलाश में हैं। यह साफ है कि बदमाश लोकल है और बहुत दूर नहीं हैं। ऐसे में जल्द ही हम बदमाशों तक पहुंच जाएंगे।
- आरपी सिंह यादव, एसएसपी