भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हमले की साजिश 11 जून 1999 को दिल्ली में हुई सुरेश दीवान की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे मनीष ने रची थी। हमले की योजना अप्रैल में तैयार की गई थी जो कई बार नाकाम हो चुकी थी। दो शार्प शूटरों को 10-10 लाख रुपये देकर हमले में शामिल किया गया था।
विज्ञापन
एसटीएफ ने हमले के मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता सुरेश दीवान के बेटे मनीष को गिरफ्तार करने के बाद यह खुलासा किया है। मंगलवार को एसएसपी गौतमबुद्ध नगर कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एसटीएफ के एसपी हिमांशु कुमार के अनुसार, मनीष ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उसके पिता सुरेश दीवान की दिल्ली के शकरपुर थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी।
इस हत्या में ब्रजपाल तेवतिया को भी नामजद किया गया था। बाद में इस केस में अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई थी। इसके बावजूद मनीष ब्रजपाल तेवतिया को ही हत्या का दोषी मानता था।
विज्ञापन
Trending Videos
हमले के बाद से मनीष लगातार बदल रहा था जगह
ब्रजपाल तेवतिया का हमलावर गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
हमले के बाद से ही मनीष पुलिस से बचने को जगह बदल रहा था और दो बार आत्म समर्पण का प्रयास कर चुका था। इस बार भी मनीष अदालत में समर्पण के प्रयास में था।
इसी दौरान गुप्त सूचना मिलने पर एसटीएफ टीम ने मुरादनगर क्षेत्र से मनीष को गिरफ्तार कर लिया। पारिवारिक और करीबियों को भी किया शामिल मनीष ने सबसे पहले ताऊ के बेटे मनोज और उसके साले संसार सिंह को साजिश में शामिल कर लिया।
इसके बाद मनीष ने हमले की रूपरेखा तैयार कर गैंग बनाना शुरू कर दिया। इसमें निशांत उर्फ जीतू, राहुल त्यागी, रामसिंह उर्फ रामकुमार, जितेंद्र उर्फ पोपे, अभिषेक, बब्बल उर्फ योगेंद्र ठाकुर और गौरव को शामिल किया।
मनोज के माध्यम से मनीष ने पेशेवर शूटर अरुण कुमार उर्फ बिट्टू निवासी जखैता बुलंदशहर, हाल पता मीनाक्षीपुरम मेरठ से संपर्क किया। बिट्टू ने उनकी मुलाकात दूसरे शूटर पहलवान से कराई और दोनों शूटरों को दस-दस लाख रुपये में शामिल कर लिया।
हसनपुरिया गैंग से स्वचालित हथियारों का किया इंतजाम
ब्रजपाल तेवतिया पर हमला
- फोटो : फाइल फोटो
वारदात में इस्तेमाल गुड़गांव से लूटी गई फॉरच्यूनर भी गौरव के माध्यम से बुलंदशहर के बलवंतपुर निवासी पिंटू उर्फ विपिन से एक लाख रुपये में खरीदी गई थी।
हसनपुरिया गैंग से स्वचालित हथियारों का किया इंतजाम
गैंग तैयार करने के बाद हथियारों का इंतजाम किया गया। मनोज और संसार सिंह ने राकेश हसनपुरिया गैंग के सदस्यों से संपर्क कर स्वचालित हथियारों का बंदोबस्त किया।
मनीष की निशानदेही पर यूएस मेड 30 एमएस कारबाइन, 8 कारबाइन के कारतूस, एक अपाचे बाइक बरामद की है। आरोपी जुलाई माह से ही रेकी कर हमले की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कई बार किसी न किसी कारणवश वह नाकाम रहे थे।
10 अगस्त को नाकाम रहने के बाद 11 अगस्त को रामसिंह ने स्कूटी से रेकी की और फॉरच्यूनर में सवार होकर पहुंचे अन्य आरोपियों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर वारदात अंजाम दे दी।