अंकित गुर्जर के पुलिस कस्टडी से फरार होते ही ग्रेटर नोएडा पुलिस ने दो परिवारों की सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस का मानना है कि दादूपुर गांव निवासी हरेंद्र प्रधान हत्याकांड से खुद को बचाने के लिए सुंदर भाटी परिजनों पर अंकित से हमला करा सकता है। दादरी चेयरमैन पति विजय पंडित हत्याकांड में भी अंकित आरोपी है। एहतियात के तौर पर दनकौर व दादरी में अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है।
दरअसल, 3 मार्च 2016 को एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम ने सुंदर भाटी गिरोह के चार शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया था। इन्होंने पूछताछ में बताया था कि हरेंद्र हत्याकांड के मामले में उसके भाई और मुख्य गवाह रविंद्र नागर की हत्या के लिए 10 हजार रुपये एडवांस दिए थे। इन बदमाशों ने 8 फरवरी 2016 को दादूपुर गांव में आयोजित हरेंद्र की बरसी में उसके भाई की हत्या में रेकी की थी।
जबकि कार्यक्रम में प्रदेश के लोक निर्माण और सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव भी मौजूद थे। एसपी देहात अभिषेक यादव का कहना है कि अंकित गुर्जर हरेंद्र प्रधान और विजय पंडित के परिजनों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचा सके इसके लिए उनकी सुरक्षा में एक-एक गनर बढ़ा दिया गया है।
हरेंद्र की हत्या 8 फरवरी 2015 को एक शादी समारोह के दौरान नियाना गांव में कर दी गई थी। बढ़ते राजनीतिक कद और वर्चस्व की लड़ाई में सुंदर भाटी के कहने पर विकास पंडित, नितिन व अन्य ने की थी। इसमें सरकारी गनर भूदेव की भी मौत हो गई थी। नवंबर 2014 में विजय पंडित की हत्या अंकित गुर्जर ने साथियों संग मिलकर की थी। इसके बाद 50 हजार का इनाम घोषित हुआ था। दोनों मामलों में इन सभी पर मुकदमा दर्ज है, जिसमें परिवार के लोग गवाह हैं।