गाजियाबाद के कविनगर में अपहरण का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। 26 जून को आरडीसी से सोनू (12) रहस्यमय हालात में लापता हो गया था। कविनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। मंगलवार को वह अपने एक परिचित को मिला, जिसने उसे घर तक पहुंचाया।
सोनू की मानें तो उसे एक व्यक्ति ने सम्मोहित कर आटो में बैठा लिया था। इसके बाद उसे होश नहीं रहा। वह कहां रहा, उसे नहीं पता। उसे जब होश आया तो वह रेलवे लाइन के पास पड़ा था। वहां उसे एक दुकानदार मिला, जिसने उसका इलाज कराया और अपने घर रखा।
वह अपने पैरेंट्स और घर का पता नहीं बता पा रहा था। मंगलवार को उसे एक परिचित दिखा तो उसे कुछ याद आया। उसने परिचित से कहा कि उसे उसके घर तक पहुंचा दे। तब उसने उसे घर पहुंचाया।
बेटे को सकुशल देखकर उसके परिजनों काफी खुश हैं। सोनू के पिता करण चौकीदारी करते हैं। सोनू ने पांचवी क्लास तक पढ़ाई की है।
बुजुर्ग भी तीन दिन बाद मिले
सामाजिक कार्यकर्ता अनुपमा गांधी ने बताया कि आरडीसी से ही एक बुजुर्ग को भी इसी तरह सम्मोहित कर अगवा किया गया था। वे भी तीन दिन बाद मिले हैं। उन्हें लगता है कि इलाकेमें इस तरह का कोई गिरोह सक्रिय है। दूसरी तरफ, कविनगर एसएचओ का कहना है कि ऐसे किसी गिरोह की सूचना नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।