रेप के फर्जी केस दर्ज कराकर कानून का दुरुपयोग करने वालों पर अब पुलिस शिकंजा कसेगी। पिछले छह माह में पुलिस ऐसे पांच केस एक्सपंज करा चुकी है, जिनमें जांच के बाद रेप के आरोप फर्जी पाए गए हैं।
ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस धारा 182 के तहत कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करेगी। अगर कोर्ट से अनुमति मिली तो झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रेप के झूठे केसों में फंसा व्यक्ति पूरी तरह से टूट जाता है। हत्या और रेप के झूठे केस में फंसे व्यक्ति की मनोदशा ही बदल जाती है। उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा, मान सम्मान धूमिल हो जाता है।
घर में भी उसे हिकारत की नजर से देखा जाता है। उन्होंने बताया कि जनपद में रेप की घटनाएं हो रही हैं, मगर कई घटनाएं ऐेसी हैं, जिनमें जांच में पाया कि रिपोर्ट झूठी लिखाई गई थी। ऐसे लोगों पर अब पुलिस शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
पिछले छह माह में
दर्ज रेप केस एक्सपंज
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रेप के एक्सपंज किए गए कुछ मामले
कविनगर में महिला ने लगाया गैंगरेप का आरोप।
इंदिरापुरम में युवती ने लगाया गैंगरेप का आरोप।
विजयनगर में महिला ने लगाया रेप का आरोप।