पूर्व महामंडलेश्वर और बिल्डर सचिन दत्ता ने क्रॉसिंग्स रिपब्लिक की फोस्टर हाईट्स सोसायटी में बने फ्लैट्स पर दो-दो बार बैंकों से लोन ले लिया। रेजिडेंट्स को इस बारे में तब पता चला जब पीएनबी के अधिकारी लोन रिकवरी का नोटिस चस्पा करने आए।
रेजिडेंट्स ने इस मामले में हाईकोर्ट की शरण ली है। रेजिडेंट्स ने बिल्डर के खिलाफ विजयनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। सोसायटी के उपाध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने बताया कि बिल्डर ने फर्जी कागजात के जरिए पीएनबी, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस और एक्सिस बैंक से एक फ्लैट पर दो-दो बार लोन ले लिया।
सोसायटी में कुल 180 फ्लैट्स हैं। इसमें 67 फ्लैट्स पर पीएनबी से लोन लिया। 5 फ्लैट्स पर पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस जबकि 4 फ्लैट्स पर एक्सिस बैंक से लोन लिया गया।
इनके खिलाफ हुई है एफआईआर
बिल्डर
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इस तरह से उसने करीब 20 करोड़ का घपला किया। इन फ्लैटों की रजिस्ट्री अब तक नहीं हो सकी है। सोसायटी में 15वीं मंजिल नहीं हैं, लेकिन उस पर भी लोन दे दिया गया।
उन्होंने बताया कि पीएनबी केअधिकारी लोन रिकवरी का नोटिस चस्पा करके गए हैं। रेजिडेंट्स घबराए हुए हैं, क्योंकि बिजली और पानी कनेक्शन के लिए पहले ही रेजिडेंट्स को 50 लाख से ज्यादा की धनराशि क्रॉसिंग्स का रखरखाव करनेवाली संस्था को देने पड़े हैं।
प्रमोद शर्मा ने बालाजी हाईटेक कंस्ट्रक्शन कंपनी, निदेशक सचिन दत्ता, निदेशक सुरुचि दत्ता, निदेशक राजेंद्र कुमार दत्ता, निदेशक मुकेश कुमार राय, निदेशक अजय कुमार, पंजाब नेशनल बैंक के चेयरमैन, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के चेयरमैन, एक्सिस बैंक के चेयरमैन, बेहरू लाल मीणा पूर्व मैनेजर पीएनबी, राजेश भार्गव पूर्व लोन मैनेजर पीएनबी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कौन हैं सचिन दत्ता
नोएडा के शराब कारोबारी सचिन दत्ता उर्फ सच्चिदानंद को पिछले साल निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया था। हालांकि विवाद बढ़ने पर उन्हें महामंडलेश्वर पद से हटा दिया गया था। उनके खिलाफ पंजाब और हरियाणा में कई आपराधिक केस दर्ज हैं।
इनमें धोखाधड़ी और जमीन हड़पने के मामले शामिल हैं। वह बार और डिस्कोथेक के भी मालिक हैं। उनका बालाजी कंस्ट्रक्शन नाम से एक रीयल एस्टेट का बिजनेस भी है। पिछले साल उनके नोएडा स्थित पर आवास पर विजिलेंस की टीम ने छापा मारा था और उनके घर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था।