लाल किताब व येस आई केन चेंज नामक ज्योतिष की नकली किताबों का धंधा करने के आरोप में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने चार आरोपियों को दबोचा है।
इनकी पहचान उस्वाल चौक, हाथरस निवासी तरुण कुमार अग्रवाल (20) खाटीखाना, हाथरस निवासी संजीव कुमार (23), गिरीराज किशोर (30) और मेंडू गेट हाथरस निवासी राजेश नरुला (39) के रूप में हुई है। आरोपियों ने हाथरस में कॉल सेंटर खोला हुआ था।
एस्ट्रो साइंस टेक्नोलॉजी के नाम से आरोपी नकली जन्मकुंडली बनाकर मोटी रकम भी ऐंठ रहे थे। पुलिस की मानें तो आरोपी 50 से अधिक लोगों को चूना लगा चुके हैं।
असली कंपनी का डेटा चुराकर बनाते थे नकली कुंडली
आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त एसडी मिश्रा ने बताया कि एस्ट्रो साइंस टेक्नोलॉजी की ओर से कंपनी के निदेशक राजेश शर्मा ने उनकी टीम को शिकायत दी थी।
राजेश ने अपनी शिकायत में बताया था कि कुछ लोग उनकी किताबों की नकली प्रति कॉल सेंटर के जरिये बेच रहे हैं। इन लोगों ने कंपनी के ग्राहकों का डेटा भी चुरा लिया है। यह उसी डेटा के जरिए ग्राहकों की नकली जन्मकुंडली तक बना रहे हैं।
शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। ठगे गए ग्राहकों के कुरियर व कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस को पता चला कि हाथरस से सारा गोरखधंधा चल रहा है।
आठवीं पढ़ा हुआ बनाता था कुंडली
छानबीन के बाद पुलिस ने हाथरस में कॉल सेंटर व प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारकर आरोपियों को दबोच लिया। संजीव व गिरीरात खाटीखाना में कॉलसेंटर चलाकर गोरखधंधा कर रहे थे। जबकि तरुण उस्वाल चौक पर धंधा कर रहा था।
पुलिस की मानें तो रेड पड़ने से कुछ समय पूर्व आरोपी फरार होने की फिराक में थे। आरोपियों ने बताया कि दिल्ली में अपने करीबी जानकार के जरिये कंपनी का डेटा चुराया, बाद में उसे डेटा के आधार पर ग्राहकों से संपर्क कर महंगे दामों पर किताबें बेचने लगे।
जन्मकुंडली बनाने के आरोपी 10 से 15 हजार रुपये लेते थे। आरोपियों में तरुण व राजेश बीकॉम, संजीव बीएससी और गिरीराज आठवीं तक पढ़ा हैं।