फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सामने आया पुलिस मुठभेड़ का चौंकाने वाला सच

Thu, 14 Aug 2014 10:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा से मोगा-कोटकपूरा बाईपास पर 25 जून को देर रात हुई मुठभेड़ में मारे गए दो व्यक्तियों के मामले में एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट को सौंप दी है।
विज्ञापन


मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट में पुलिस मुठभेड़ को गलतफहमी की वजह से हुई घटना बताया है। इस मुठभेड़ में गोलीबारी के दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा के सब-इंस्पेक्टर सहित एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था।

एसडीएम सुरिंदर कौर ने रिपोर्ट पर कहा कि उन्होंने तथ्यों पर आधारित 11 पन्नों की रिपोर्ट को जिला मजिस्ट्रेट परमिंदर सिंह गिल को सौंपा दिया है। चंडीगढ़ पुलिस को क्लीन चिट नहीं दी गई है।
विज्ञापन

करीब 15 लोगों के बयान दर्ज

जांच के दौरान चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा के सब इंस्पेक्टर राजदीप सिंह, सिपाही सुरिंदर कुमार, इंस्पेक्टर रणजोध सिंह समेत सात पुलिसकर्मियों, मृतक सुखदेव सिंह और इंद्रजीत सिंह उर्फ गोरा के वारिसों और अदालत से डिस्चार्ज करवाए गए गुरचरन सिंह उर्फ रिंक, सुखपाल सिंह समेत करीब 15 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में मुठभेड़ के दौरान मारे गए सुखदेव सिंह की पृष्ठभूमि और उससे मिले अवैध हथियारों के बारे में भी बताया गया है।

सूत्रों के अनुसार, एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में इस मुठभेड़ की वजह गलतफहमी बताया है। साथ ही चंडीगढ़ पुलिस का यूनिफॉर्म में न होना और सुखदेव सिंह की दुश्मनी को भी अन्य कारण बताए हैं। मुठभेड़ में मारे गए सुखदेव सिंह ने यह समझ कर चंडीगढ़ पुलिस पर गोली चला दी कि सामने उसके दुश्मन हैं।
विज्ञापन

बयान में मिला विरोधाभास

चंडीगढ़ पुलिस की अपराध शाखा के इंस्पेक्टर रणजोध सिंह ने थाना सिटी साउथ में दर्ज करवाई एफआईआर में बताया था कि सभी पुलिस कर्मी वर्दी में थे, लेकिन मजिस्ट्रेट जांच में उन्होंने कहा कि घायल सब इंस्पेक्टर राजदीप सिंह और सिपाही सुरिंदर कुमार सिविल ड्रेस में, जबकि अन्य सभी वर्दी में थे। पुलिस का यह भी दावा था कि मृतक सुखदेव सिंह के पास से अवैध हथियार मिले थे।

वर्जन
हमें रिपोर्ट मिल गई है। इस रिपोर्ट की तहकीकात कर रहे हैं। यह रिपोर्ट जिला पुलिस प्रमुख को भेजी जाएगी। यदि रिपोर्ट में कोई कमी नजर आई तो उसे दोबारा भेजा जाएगा।
परमिंदर सिंह गिल, जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें