देश भर में सस्ती जमीन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपी दयानेश्वर को विजय नगर पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। महाराष्ट्र के रहने वाले इस ठग को पुलिस ने ग्राहक बनकर पहले झांसे में लिया और फिर दबोच लिया।
यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले दयानेश्वर का दूसरा साथी शरीफ फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। सीओ अनिल यादव ने बताया कि 14 नवंबर 2014 को प्रताप विहार निवासी स्क्रैप कारोबारी नजमुद्दीन ने 50 लाख की धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप था कि चेन्नई में बंद पड़ी रोलिंग मिल की जमीन दिलाने के नाम पर दयानेश्वर और शरीफ ने उनसे ठगी की। शरीफ ने फर्जी बैंक अकाउंट खोलकर 50 लाख की रकम ट्रांसफर कराई। बाद में इसे बंद कर दिया गया।
जमीन का सौदा दयानेश्वर ने साढे़ तीन करोड़ रुपये में तय कराया था। शरीफ ने प्रापर्टी के कागजात दिखाकर खुद को प्रापर्टी का मालिक बताया था लेकिन जांच में कागजात फर्जी निकले।
स्क्रैप कारोबारी का एक पार्टनर अक्सर सस्ते दामों पर जमीन खरीदता था। उसने हैदराबाद में जमीन खरीदी थी। इस दौरान दयानेश्वर की मुलाकात स्क्रैप कारोबारी से हुई थी।
नजमुद्दीन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की लेकिन वे लगातार ठिकाना बदलते रहे। फिर पुलिस ने उन्हें दबोचने के लिए खास प्लान बनाया।
10 करोड़ कीमत की जमीन खरीदने की बात कह दयानेश्वर को झांसे में लिया। सौदेबाजी के लिए दयानेश्वर ने पुलिस को हैदराबाद बुलाया था। जहां उसे दबोच लिया गया। दयानेश्वर ने बताया कि वह कमीशन एजेंट है।