सेक्टर-12 में शॉप व आफिस ई नीलामी के जरिये हुए कथित करोड़ों के घोटाले की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है। मंगलवार को इसकी रिपोर्ट मुख्य प्रशासक को भेजी जाएगी। जांच में हुडा के एक उच्च अधिकारी और कई कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। वहीं, संपदा अधिकारी राजेश कुमार को मंगलवार शाम तक जवाब देने को कहा गया है।
ज्ञात हो कि हुडा ने सेक्टर-12 में 10 अक्तूबर को 59 प्लॉट के लिए ई नीलामी के जरिये टेंडर निकाला था। इसमें 58 आवेदकों को प्लॉट आवंटित हो गए। बताया जाता है कि ई नीलामी में जो रिजर्व प्राइज रखा गया था वह कम था। इससे सरकार को करोड़ों का नुकसान होने का अनुमान है। हुडा कर्मचारियों ने नीलामी की फाइल हुडा प्रशासक यशवेंद्र सिंह को 13 अक्तूबर को भेजकर अलाटमेंट लेटर जारी करने की अनुमति मांगी थी। प्रशासक को फाइल की जांच के दौरान पता लगा कि रिजर्व प्राइज में कुछ गड़बड़ी है।
इस पर उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किया और उसकी जांच करने के लिए फाइल वापस कर दी। आखिर में उन्होंने 19 अक्तूबर को नीलामी रद्द कर आवंटियों को उनके पैसे खाते में वापस लौटा दिए गए। सोमवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए हुडा प्रशासक ने कहा कि प्रारंभिक जांच में एक अधिकारी और कई कर्मचारियों की भूमिका रिजर्व प्राइज तय करने को लेकर संदेह के घेरे में है। इसकी रिपोर्ट मुख्य प्रशासक को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बाबत संपदा अधिकारी राजेश कुमार को पहले ही नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा गया है।
वह आज शाम तक अपना जवाब देंगे। उन्होंने साफ कहा कि संपदा अधिकारी का जवाब मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच पूरी कर ली गई है। कई कर्मचारियों का काम संदेह के घेरे में है।
भू माफियाओं के निशाने पर हुडा प्रशासक:
हुडा प्रशासक ने करोड़ों रुपये कीमत के शॉप की नीलामी रद्द तो कर दी लेेकिन अब वह भूमाफियाओं के निशाने पर आ गए हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि कई माफियाओं ने हुडा प्रशासक को फोन कर नीलामी रद्द करने को गलत बताया। इससे साफ है कि माफिया अब उनके खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। हालांकि प्रशासक इस बात से इंकार कर रहे हैं।