फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक मां ने सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द, मासूम को डे केयर में न भेजें

Wed, 11 May 2016 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव

सार

  •  सेक्टर-56 इलाके की घटना
  •  दरवाजे के बीच में आ गया था अंगूठा
  • शिकायत पर प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज
विज्ञापन
अस्पताल में भर्ती बच्‍ची - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अब डे केयर में भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। ऐसा ही एक मामला साइबर सिटी के सेक्टर-56 इलाके में डे केयर में पढ़ने वाली तीन वर्षीय बच्ची के साथ घटित हुआ। बच्ची का अंगूठा दरवाजे में आने से कट कर अलग हो गया। आनन-फानन में बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन


जहां बच्ची की हालत में सुधार बताया जा रहा है। घटना 28 अप्रैल की है। परिजनों की शिकायत पर डे केयर प्रबंधन के खिलाफ सेक्टर-56 थाने में लापरवाही व आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज कराया है। हालांकि, अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

मूलरूप से पंजाब के अमृतसर की शिवानी शर्मा सेक्टर-56 के रेल विहार में रहती हैं और साइबर हब में काम करती है। उनकी तीन वर्षीय बेटी मारिया इसी सेक्टर के चेरुब एंजल डे केयर में पढ़ती है। 28 अप्रैल को मासूम कोडे केयर में छोड़कर शिवानी ऑफिस चली गई। करीब एक बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी मारिया का अंगूठा दरवाजे में आकर कट गया है।
विज्ञापन


शिवानी ने लंदन में रह रहे अपने पति को इस बात की सूचना दी और तुरंत डे केयर पहुंची। वहां जाने पर महिला को पता चला कि बेटी को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन उसकी हालत को देखते हुए आनन-फानन में मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां दो सर्जरी होने के बाद बच्ची का अंगूठा डॉक्टरों ने जोड़ने का प्रयास किया।
विज्ञापन

पीड़िता ने डे केयर प्रबंधन की लापरवाही को लेकर कई बार शिकायत की

बताया जा रहा है कि पीड़िता ने डे केयर प्रबंधन की लापरवाही को लेकर कई बार शिकायत की, लेकिन प्रबंधन बच्ची का इलाज और अपनी लापरवाही मानने की बजाय उल्टा पीड़िता को ही गलत ठहराने की कोशिश करने लगा  बाद में डे केयर की मालकिन अर्चना और प्रबंधन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्रबंधन के खिलाफ आईपीसी की धारा 287 और 338  के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि जांच के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी।

मुहिम चलाने को सोशल मीडिया से जुड़ी

पीड़िता शिवानी का कहना है कि इस तरह की लापरवाही बरतने वाले डे केयर बंद होने चाहिए। अब इसी मुहिम के साथ सोशल मीडिया से भी जुड़ गई है। वे दूसरे बच्चों के माता-पिता को जागरूक कर रही है कि इस तरह के डे केयर सेंटर में बच्चों को न भेजें। शिवानी ऐसे सेंटरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही हैं जो कि मोटी रकम लेने के बाद भी उचित देखभाल का महज आश्वासन देते हैं, जबकि हकीकत में डे केयर भी देखभाल करने के बजाय खानापूर्ति में लगे रहते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें