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दिल्लीः फिरौती के लिए बच्चे की हत्या

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दिल्ली के रंजीत नगर में एक नाबालिग ने महंगे फोन के लिए खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। उसने अपने मोहल्ले के एक छह वर्षीय मासूम को अगवा कर लिया। उसके बाद मासूम के घरवालों से पैसों की मांग की।
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लेकिन बाद में उसने अगवा किए गए मासूम की हत्या कर दी। यही नहीं बच्चे को मारने के बाद उसने लाश को पास के ही एक पार्क में ठिकाने लगा दिया। शुक्रवार शाम जब लोग पार्क में टहलने गए तो बच्चे की लाश देख हड़कंप मच गया।

नाबालिग लड़के के मंहगा फोन रखने की ख्वाहिश से हुई इतनी बड़ी वारदात का खुलासा शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने किया। पुलिस ने कॉल डिटेल व अन्य सबूतों के आधार पर अपहरणकर्ता नाबालिग के घर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
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अपहरणकर्ता ने फिरौती में मांगे थे डेढ़ लाख रुपये

दिल्ली के गांधी नगर में उत्कर्ष को अगवा कर उसकी हत्या करने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि रंजीत नगर इलाके में अपहरणकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को एक फल विक्रेता के छह साल के बेटे का अपहरण कर लिया।

अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के परिजनों से डेढ़ लाख की फिरौती मांगी थी। शुक्रवार शाम उन्होंने बच्चे की हत्या कर शव को नारायणा डी ब्लॉक स्थित सत्या पार्क में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, मूलत: एटा के जैनपुरा गांव निवासी गणेश (6) अपने पिता प्रमोद, मां और तीन बहनों के साथ रंजीत नगर के पांडव नगर में रहता था।

वह सरकारी स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ता था। बृहस्पतिवार शाम गणेश अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान किसी ने उसे अगवा कर लिया। करीब पौने नौ बजे प्रमोद के मोबाइल पर किसी शख्स का फोन कर डेढ़ लाख की फिरौती मांगी।

प्रमोद ने तुरंत रणजीत नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवायी। पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के फोन नंबर को सर्विलांस पर लगाया। रात में कामयाबी नहीं मिलने पर जांच में स्पेशल सेल को भी लगाया गया।
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नारायणा स्थित पार्क से शुक्रवार शाम मिली बच्चे की लाश

अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस बदमाशों के नजदीक पहुंच चुकी थी। इसी बीच बच्चे की लाश मिलने की सूचना मिली। पुलिस घर के सामने रहने वाले एक नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। गणेश उसी के साथ खेल रहा था। पुलिस को अंदेशा है कि वारदात में दो और लोग शामिल हैं।

तीन बार फोन किया था
अपहरणकर्ताओं ने दस मिनट के भीतर पिता के मोबाइल पर तीन बार फोन किया। उन्होंने सबसे पहले फोन कर पूछा कि उसका बेटा गणेश कहां है। प्रमोद ने कहा कि वह घर के बाहर खेल रहा होगा। इस पर फोन करने वाले ने बताया कि उनके बच्चे को अगवा कर लिया गया है।

इकलौता चिराग चला गया
बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद से प्रमोद गहरे सदमे में है। उसने कहा, ‘मेरा तो इकलौता चिराग चला गया। उसको मौत के नींद सुलाने वाले को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।’
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