दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ठगी के लिए साथी के साथ मिलकर कंपनी बना रखी थी। दोनों कई कंपनियों के साथ 15 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं। आरोपी सस्ते दरों पर लोन दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। हाल ही में एक कंपनी को 35 करोड़ रुपये का लोन दिलाने के नाम पर उससे पांच करोड़ रुपये ठगे थे।
आर्थिक अपराध शाखा के डीसीपी मंगेश कश्यप के अनुसार मै. एसोटेक लि. ने शिकायत की थी कि मै. लिंक एडवांस लि. के डायरेक्टर रेनीय जॉय और विनोद कुमार गुप्ता से 35 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट लोन के लिए 15 दिसंबर, 2011 को समझौता हुआ था। लोन दिलाने के लिए आरोपी कंपनी को पांच करोड़ रुपये दे दिए गए।
कुछ समय बाद उन्हें पता लगा कि विनोद 35 करोड़ रुपये का लोन दिलाने की स्थिति में नहीं है। कंपनी ने जब उसके द्वारा दिए चेक को बैंक में डाला तो वह बाउंस हो गया। शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर रविंद्र मलिक और एसआई रजनीश कुमार की टीम ने तफ्तीश शुरू की। आरोपी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया। बुधवार दोपहर विनोद को आईजीआई एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार कर लिया गया जब वह देश से भागने की फिराक में था।
मुंबई निवासी आरोपी विनोद (57) ने रोहतक से बीए किया हुआ है। तफ्तीश में पता लगा है कि उसने जेनेस इंडस्ट्रीज, लुधियाना से दो करोड़ रुपये, आईवीआरसीएल हैदराबाद से 5 करोड़ रुपये, सीनियर बिल्डर्स लि. दिल्ली से तीन करोड़ रुपये ठगे हैं। पुलिस रेनीय जॉय की भूमिका की जांच कर रही है।