अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार पी. ने बताया कि पकड़े गए शातिर दिल्ली के गांव तिगरी खुर्द निवासी सुनील उर्फ काला और बागपत के सिंघवाली के गांव पिलाना निवासी आस मोहम्मद उर्फ आशु है। सुनील हाल में दिल्ली बुद्धविहार ने रह रहा है। सुनील के खिलाफ दिल्ली में छह व गाजियाबाद में तीन और आस मोहम्मद के खिलाफ दिल्ली में तीन व गाजियाबाद में दो मुकदमे दर्ज हैं। पूर्व में ये चार बार जेल जा चुके हैं।
पूछताछ में सुनील ने बताया कि वह 8वीं फेल है। पहले वह टेंपो चालक था और फिर मुर्गा बेचने का काम करने लगा। इसी दौरान उसकी मुलाकात चांद व हाकिम मुल्ला से हुई और कार चोरी करने लगा। आस मोहम्मद ने बताया कि वह 8वीं पास है। वह गाड़ियों की मरम्मत का काम करता था। सोनीपत में गैराज में उसकी मुलाकात शहजाद और सुनील से हुई। सुनील और शहजाद कार चोरी करके लाते थे और वह चोरी की कार को आगे बेचते था। इसमें उसकी अच्छी कमाई होने लगी।
गिरोह के चार शातिर पूर्व में पकड़े जा चुके
क्राइम ब्रांच इस गिरोह के चार शातिर बुलंदशहर के गुलावठी निवासी रिंकू उर्फ नूर मोहम्मद, बागपत के सिंघावली निवासी हाकिम, मेरठ के खैरनगर निवासी मोहसीन उर्फ सोनू और दिल्ली के सुंदरनगरी निवासी शाकिर को गिरफ्तार कर चुकी है। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पूछताछ में सुनील ने बताया वह हाकिम, आस मोहम्मद, शहजाद, ईस्माइल, रिंकू के साथ मिलकर कार चोरी करता है। उसे कार की डिमांड शहजाद और आस मोहम्मद बताते हैं। फिर वह हाकिम, रिंकू और ईस्माइल के साथ मिलकर कार की रेकी करके कार चुराते हैं।
जीपीएस काम न करे इसके लिए लगाते थे जैमर
पूछताछ में शातिरों ने बताया कि कार के अंदर एक साथी बैठकर कार का सिस्टम सॉफ्टवेयर की मदद से हैक करता है। इसी बीच दूसरा साथी कार में लगे हूटर के तार काटता और जीपीएस काम न करे इसके लिए जैमर लगा देते हैं। इसे करने में उन्हें करीब 15 मिनट लगते हैं और कार चोरी करके फरार हो जाते हैं।