फातिमा के ससुर नूर मोहम्मद ने बताया कि सुबह एक घंटे पर्ची काउंटर पर कतार में लगकर किसी प्रकार पर्ची बनवाई। लंबे इंतजार के बाद जब फातिमा अस्पताल की ओपीडी के कमरा नंबर-5 में पहुंची तो वहां मौजूद स्त्री रोग विशेषज्ञ ने गर्भवती का स्वास्थ्य संबंधी संतोषजनक इलाज नहीं दिया।
उसका आरोप है कि उसको वहां से जाने के लिए बोला और कहा कि प्राइवेट अस्पताल में जाकर इलाज कराए। उसका कहना है कि उसका इलाज संबंधी कार्ड भी नहीं बनाया गया। अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुमाता तालीब ने इस मामले की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई शिकायत अभी तक उनके पास नहीं आई है शिकायत आने पर इसकी जांच कराई जाएगी।