निर्भया गैंगरेप के नाबालिग दोषी की रिहाई का विरोध कर रहे निर्भया के माता-पिता को पुलिस हिरासत में लिया गया था। वेनाबालिग सुधार गृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे।
हालांकि कुछ देर बाद हिरासत से निर्भया के माता-पिता को रिहा कर दिया गया। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने हिरासत में लिये जाने की निंदा की थी। नाबालिग दोषी की रिहाई का विरोध करने के लिए निर्भया के माता-पिता प्रदर्शन करने के लिए आज सुधार गृह के सामने पहुंचे थे। प्रदर्शन में कुछ युवा भी शामिल थे।
ये लोग लगातार नाबालिग की रिहाई को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। जिसके चलते देर शाम को पुलिस ने निर्भया के माता-पिता को हिरासत में ले लिया।
बता दें दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए निर्भया गैंगरेप केस के नाबालिग दोषी की रिहाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके विरोध में निर्भया के माता-पिता सड़क पर उतर आए हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।
मेरी बेटी ने पूरी दरिंदगी बयां की थी और इंसाफ मांगा था
इससे पहले निर्भया की मां ने कल कहा था कि ‘मेरी बेटी भी आज हम सबके बीच हंसती-खेलती दुनिया के रंग देख रही होती, लेकिन उस जुवेनाइल की दरिंदगी के चलते हम आज उसे श्रद्धाजंलि देते हैं।
जुवेनाइल की गलत सोच के चलते उस रात मेरी बेटी को उसने बस में बिठाया और फिर सबको उकसाते हुए दरिंदगी की हद पार की थी।
बेटी ने आखिरी सांस लेने से पहले मुझे उस जुवेनाइल की पूरी दरिंदगी बयां की थी और इंसाफ मांगा था। मेरी बिटिया की रूह इंसाफ को तरसती है और हम सिर्फ कानून और उम्र के फेर में सिर्फ आंसू बहा रहे हैं।’ यह कहना है निर्भया की मां का।
हर उस बेटी की हार है, जो उसके लिए लड़ती रही है
हाईकोर्ट के फैसले को सुनते ही मां और भाई सब फूट-फूटकर रोते हुए बोले...आज फिर जख्म हरे हो गए। अमर उजाला से विशेष बातचीत में मां ने कहा कि तीन सालों से बस एक ही उम्मीद थी कि शायद सरकार के आश्वासन के सहारे हम बिटिया से दरिंदगी की हद पार करने वाले जुवेनाइल को उसके कर्मों के आधार पर सजा देने में कामयाब होंगे।
लेकिन बोलीं कि जुर्म जीत गया और हम हार गए। आगे बोलीं कियह मेरी बिटिया के इंसाफ की हार नहीं, बल्कि हर उस बेटी की हार है, जोकि उसके लिए लड़ती रही है।
मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरी बेटी से दरिंदगी की इंतहा पार करने वाला जुवेनाइल को छोड़ दिया जाएगा।
मेरी बेटी को इंसाफ नहीं मिला पर अन्य बेटियां महफूज रहे
निर्भया के पिता आगे बोले कि अदालत के फैसले के खिलाफ तो नहीं बोल सकता, लेकिन वकील से बात करके सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर जरूर करूंगा।
वर्ष 2012 में सरकार ने सभी दोषियों को सख्त सजा देने का आश्वासन दिया था। जुवेनाइन दोषी ने सबसे अधिक दरिंदगी की थी, उसका जेल से बाहर आना हर बेटी के लिए खतरा है।
मेरी बेटी को तो इंसाफ नहीं मिला पर अन्य बेटियां महफूज रहे, इसलिए इस लड़ाई को लड़ता रहूंगा।