गाजियाबाद में इलाहाबाद बैक और एसबीआई में रखे यूपीसीपीएमटी के पर्चे लीक होने के मामले में एक रोचक मोड़ आ गया है।
सोमवार सुबह जांच के लिए बैंक पहुंची एसटीएफ की टीम ने जांच के बाद एक बड़ा खुलासा किया है। एसटीएफ के ने बताया कि यूपीसीपीएमटी का पर्चा लीक नहीं हुआ था।
पर्चा लीक होने से प्रदेश भर में मचे हड़कंप पर अब नई बहस छिड़ गई है। लोगों का कहना है कि पर्चा लीक होने की पुख्ता जानकारी के बाद भी ऐसा कैसे हो सकता है।
सीएम ने दिए थे उच्चस्तरीय जांच के आदेश
पेपर लीक होने की आशंका के चलते रविवार को उत्तर प्रदेश संयुक्त प्री-मेडिकल परीक्षा (सीपीएमटी) -2014 रद कर दी गई। गाजियाबाद नवयुग मार्केट स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा और इलाहाबाद बैंक के स्ट्रांग रूम में रखे पेपर के दो बक्सों के क्षतिग्रस्त मिलने की सूचना पर गाजियाबाद के डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजी।
इसके बाद परीक्षा रद कर मामले की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने अब इस परीक्षा के लिए अगली तिथि का प्रस्ताव भी दे दिया है।
नोडल आफिसर सुशील कुमार की ओर से अज्ञात के खिलाफ गाजियाबाद कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पेपर लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। 1.09 लाख स्टूडेंट सीपीएमटी परीक्षा दे रहे हैं।
डीएम ने भेजी रिपोर्ट
सीपीएमटी के चीफ कोआर्डिनेटर प्रो.ए.के. सिंह ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। नोएडा से एसटीएफ की एक टीम मामले की जांच के लिए गाजियाबाद पहुंच भी गई है। उधर, एसटीएफ के एक जांच दल ने केजीएमयू में चीफ कोआर्डिनेटर से परीक्षा की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली है। सीपीएमटी के लिए पेपर के 34 बॉक्स गाजियाबाद स्थित इलाहाबाद बैंक की शाखा और 21 बाक्स स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के स्ट्रांग रूम में शुक्रवार शाम को रखवाए गए थे।
रविवार सुबह 9 बजे से परीक्षा शुरू होनी थी। इससे पूर्व सुबह करीब 7 बजे जब सीपीएमटी के पर्यवेक्षक केजीएमयू के प्रोफेसर डॉ. राकेश कुमार दीक्षित, नोडल आफिसर डॉ. सुशील कुमार, अपर नोडल आफिसर डॉ. मौजपाल सिंह और डॉ. भूकन सिंह एसबीआई की शाखा पहुंचे तो वहां एक बॉक्स क्षतिग्रस्त मिला। इसके बाद अधिकारियों ने इलाहाबाद बैंक का स्ट्रांग रूम चेक किया तो वहां भी पेपर का एक बॉक्स क्षतिग्रस्त मिला। डीएम ने तत्काल शासन को रिपोर्ट भेज दी, इसके बाद परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
सीसीटीवी फुटेज कब्जे में, जल्द होगा खुलासा
गाजियाबाद डीएम का कहना है कि प्रथम दृष्टया बॉक्स के साथ छेड़खानी का मामला प्रतीत हो रहा है। इसी सूचना के आधार पर परीक्षा रद की गई है। शासन ने इस मामले में एसटीएफ को भी जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस और एसटीएफ मिलकर जांच करेंगे। पुलिस और एसटीएफ की टीम ने बैंक में लगे सीसीटीवी की फुटेज कब्जे में ले ली।
केजीएमयू के नोडल अधिकारी प्रो.आर.के. दीक्षित और गाजियाबाद जिला प्रशासन केअधिकारी पुलिस के साथ बैंक में पेपर केबॉक्स लेने पहुंचे। लॉकर रूम खोलने के बाद उन्हे बॉक्स क्षतिग्रस्त मिले। उन्होंने जांच में पाया कि बॉक्स की सील को तोड़ने का प्रयास किया गया है। जिन टीन के बक्सों में पेपर को रखा गया था।
उसमें दो ताले लगाकर उसे सील किया गया था। इसके अलावा बॉक्स को चारों तरफ से कपड़े की निवाड़ से उसे सीलबंद किया गया था। इसके बाद एक कपड़े और फिर ऊपर से पॉलीथिन चढ़ाकर बक्से को पूरी तरह से सीलबंद कर दिया गया था। इलाहाबाद बैंक के लॉकर में रखे जिन बक्सों को क्षतिग्रस्त पाया गया, उनके ऊपर की पॉलीथिन, कपड़ा तो फटा ही था। बक्सों के कोने भी टूटे हुए पाए गए थे।
कब होगी रद्द की गई परीक्षा?
चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव बीएस भुल्लर का कहना है कि सीपीएमटी पर्चा लीक मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश मुख्यमंत्री ने दे दिए हैं।
सोमवार को शासन स्तर की समिति बनाकर जांच के औपचारिक आदेश जारी कर दिए जाएंगे। इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय ने सीएमएमटी की नई तिथि 20 जुलाई प्रस्तावित की है। इस पर सरकार स्तर पर अनुमोदन दिया जाना है। सोमवार को ही इस पर भी फैसला हो जाएगा।